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Holashtak 2026: क्यों महत्वपूर्ण है 24 फरवरी? उग्र चंद्रमा के प्रभाव को कम करने के लिए करें ये काम

Holashtak 2026 Begins on 24 February : होलाष्टक 2026 की शुरुआत 24 फरवरी से हो रही है। पहले दिन चंद्रमा उग्र अवस्था में रहेंगे। जानिए इसके प्रभाव और मानसिक शांति के लिए अचूक उपाय।

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Feb 23, 2026
holashtak ke upay :होलाष्टक के पहले दिन के उपाय (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Holashtak Ke Upay: होली आने में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन उससे ठीक 8 दिन पहले होलाष्टक का पहरा लग जाता है। इस साल 24 फरवरी 2026 से होलाष्टक शुरू हो रहे हैं। शास्त्रों में इन 8 दिनों को शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इस दौरान आसुरी शक्तियां प्रभावी होती हैं और हमारे नौ ग्रह एक-एक करके 'उग्र' यानी गुस्सैल स्वभाव के हो जाते हैं।

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पहले ही दिन चंद्रमा की उग्र अवस्था

होलाष्टक के पहले दिन (24 फरवरी) चंद्रमा सबसे ज्यादा उग्र अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष में चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। जब चंद्रमा उग्र होते हैं, तो इसका सीधा असर हमारे दिमाग और भावनाओं पर पड़ता है।

चंद्रमा की उग्रता से क्या हो सकता है?

मानसिक तनाव: बिना बात के चिड़चिड़ापन और नकारात्मक विचार घेर सकते हैं।

रिश्तों में दरार: भावनाओं में बहकर आप अपनों से झगड़ सकते हैं।

गलत फैसले: इस दौरान लिए गए निर्णय अक्सर भविष्य में पछतावे का कारण बनते हैं।

सेहत पर असर: हार्मोनल बदलाव और बेचैनी महसूस हो सकती है। महिलाओं के लिए यह समय शारीरिक और मानसिक रूप से थोड़ा कष्टकारी हो सकता है।

उग्र चंद्रमा को शांत करने के 4 अचूक उपाय

अगर आप चाहते हैं कि होलाष्टक का पहला दिन आपकी शांति भंग न करे, तो इन सरल उपायों को जरूर आजमाएं:

महादेव की शरण: चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजते हैं। कल के दिन 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें या शिव चालीसा पढ़ें। शिव की पूजा चंद्रमा के हर जहर को अमृत में बदल देती है।

सफेद रंग का जादू: कल सफेद कपड़े पहनें। खाने में दूध, दही, चावल या खीर जैसी सफेद चीजों का इस्तेमाल करें। सफेद रंग चंद्रमा की शीतलता का प्रतीक है।

मंत्र शक्ति: शांत मन से 'ॐ सोम सोमाय नमः' का कम से कम 108 बार जाप करें। यह मंत्र आपके भीतर की बेचैनी को खत्म करेगा।

मां का आशीर्वाद: ज्योतिष में मां को चंद्रमा का स्वरूप माना गया है। अपनी मां के पैर छुएं, उनकी सेवा करें और उनके साथ कुछ समय बिताएं। मां की दुआ हर ग्रह दोष को शांत कर देती है।

क्यों वर्जित हैं इन 8 दिनों में शुभ काम?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, इन्हीं 8 दिनों में भक्त प्रह्लाद को उनके पिता हिरण्यकश्यप ने बेइंतहा यातनाएं दी थीं। ग्रहों के राजा सूर्य से लेकर राहु तक, सभी इस दौरान पीड़ित रहते हैं। यही कारण है कि होलाष्टक में शादी, मुंडन, गृह प्रवेश या नया व्यापार शुरू करना टाल देना चाहिए।

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Published on:
23 Feb 2026 03:40 pm
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