
आज का पंचांग 17 अप्रैल 2026 : शुभ समय 17 अप्रैल 2026: जानें चौघड़िया, राहु काल और ग्रह स्थिति (फोटो सोर्स: Gemini AI)
Aaj Ka Panchang 17 April 2026 : आज का पंचांग 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज अमावस्या तिथि सायं 5:22 बजे तक रहेगी, जिसके बाद प्रतिपदा प्रारम्भ होगी। दिन की शुरुआत रेवती नक्षत्र से होकर अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करेगी। आज सर्वार्थसिद्धि योग, अमृतसिद्धि योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं।
आज के दिन राहु काल, दिशा शूल और शुभ चौघड़िया का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। साथ ही, आज चंद्रमा मीन राशि से मेष राशि में गोचर करेगा, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर देखने को मिलेगा। यदि आप किसी नए कार्य, यात्रा या शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो यह पंचांग आपके लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
| क्रम | चौघड़िया प्रकार | समय | अवधि/टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1 | चर | सूर्योदय – 7:40 | सामान्य/गतिशील कार्यों के लिए शुभ |
| 2 | लाभ | 7:40 – 9:15* | लाभकारी कार्यों के लिए उत्तम |
| 3 | अमृत | 9:15 – 10:51* | अत्यंत शुभ, सभी कार्यों के लिए श्रेष्ठ |
| 4 | शुभ | 12:26 – 2:02 | मांगलिक कार्यों के लिए अच्छा |
| 5 | चर | 5:12 – सूर्यास्त | यात्रा व गतिशील कार्यों के लिए शुभ |
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 10.30 से 12.00 तक रहेगा
तिथि – अमावस्या तिथि सायं 5.22 तक होगी तदुपरान्त प्रतिपदा तिथि होगी ।
नक्षत्र – रेवती नक्षत्र दिन 12.02 तक रहेगा तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा ।
योग – वैधृति योग प्रातः 7.22 तक रहेगा तदुपरान्त विष्कुम्भ योग अंतरात्रि 3.45 तक रहेगा तदुपरान्त प्रीति योग रहेगा ।
करण – चतुष्पद करण दिन 9.22 तक रहेगा तदुपरान्त नाग करण रहेगा।
विशिष्ट योग – अमृतसिद्धि योग सूर्योदय से दिन 12-02 तक, सर्वार्थसिद्धि योग संपूर्ण दिनरात्रि, कुमारयोग सायं 5-22 से सूर्योदय तक
व्रत / दिवस विशेष – देवपितृकार्य अमावस्या, श्री शुकदेव जयंती, वैधृति पुण्यं, मेला पुर पिजोंर (हरियाणा ) , पंचक दिन 12-02 तक,
चन्द्रमा – आज दिन 12.02 तक मीन राशि में होगा तदुपरान्त मेष राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – शनि का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में प्रवेश दिन 3-03 पर.
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वाभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल और कार्यों के प्रति थोड़े लापरवाह होते हैं.
मेष राशि अग्नि तत्त्व व क्षत्रिय स्वभाव राशि है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। इस राशि में जन्मे बच्चे दबंग, साहसी, कुटुंब का पालन करने वाले, कार्यारम्भ में रूचि रखने वाले, हमेशा सक्रिय, चुनौतियों को स्वीकार करने वाले, जुझारू और थोड़े जल्दबाज होते हैं। शारीरिक सौष्ठव को बनाये रखने के लिए सदा क्रियाशील रहते हैं।
Published on:
16 Apr 2026 12:38 pm
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