Purnima Vrat 2023 Dates सनातन कैलेंडर के अनुसार माह के शुक्लपक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा होती है। जिस दिन आकाश में पूरा चांद होता है वह दिन पूर्णिमा कहलाता है। पूर्णिमा के अगले दिन से कृष्ण पक्ष प्रारंभ हो जाता है। पूर्णिमा और अमावस्या के मध्य के 15 दिन के भाग को कृष्ण पक्ष कहते हैं। पूर्णिमा को लक्ष्मीजी के साथ चंद्रमा की पूजा की जाती है।
Purnima Vrat 2023 Dates and Timings Lisसनातन कैलेंडर के अनुसार माह के शुक्लपक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा होती है। जिस दिन आकाश में पूरा चांद होता है वह दिन पूर्णिमा कहलाता है। पूर्णिमा के अगले दिन से कृष्ण पक्ष प्रारंभ हो जाता है। पूर्णिमा और अमावस्या के मध्य के 15 दिन के भाग को कृष्ण पक्ष कहते हैं। पूर्णिमा को लक्ष्मीजी के साथ चंद्रमा की पूजा की जाती है। धन संपत्ति प्राप्त करने के लिए चंद्र पूजन का विशेष महत्व है।
इस दिन चंद्रमा की पूजा—अर्चना करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की प्रसन्नता के लिए सत्यनारायण व्रत और कथा का आयोजन भी किया जाता है ताकि भगवान विष्णु या सत्यनारायण की कृपा दृष्टि उन पर बनी रहे। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने की भी परंपरा है। भविष्यपुराण के अनुसार पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिष में चंद्रमा को नवग्रहों में रानी का दर्जा दिया गया है। वस्तुत: चंद्रमा मन के कारक हैं और यही कारण है कि उनकी कृपा के बिना जीवन में कोई सुख नहीं मिलता। कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी हो तो धन—संपत्ति—वैभवपूर्ण जीवन होता है।
पूर्णिमा पर श्रद्धालु निर्जला व्रत रखकर पूजा अर्चना करते हैं। साल में लगभग 12 पूर्णिमा पड़ती हैं और हर एक का अपना अलग—अलग महत्व होता है। इनमें भी कार्तिक मास की पूर्णिमा का सबसे ज्यादा महत्व है।
शास्त्रोक्त मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की आराधना विशेष फलदायक होती है। इस दिन लोग पूजा पाठ, हवन आदि करते हैं और चंद्रमा से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की जाती है।
इस बार कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को है। सोमवार को पूर्णिमा तिथि आने पर कार्तिक पूर्णिमा व्रत और लाभदायक बन गया है। जीवन में धन सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने के लिए आज चंद्रमा की पूजा जरूर करनी चाहिए।
इसके लिए पूर्णिमा के दिन से एक जाप प्रारंभ करें। चंद्रोदय के समय चन्द्रमा का ध्यान या दर्शन करें और मंत्र- ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमसे नम: का जाप करे। इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें, ऐसा लगातार 40 दिनों तक करें। पूरे मनोयोग और श्रदृधा से नियमपूर्वक जाप करने से धीरे धीरे आपकी आर्थिक समस्या खत्म हो जाएगी।