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जुलाई के दूसरे हफ्ते योगिनी एकादशी और रवि प्रदोष का अद्भुत संयोग, जानिए पूरा कैलेंडर

Weekly Hindu Calendar: 6 से 12 जुलाई का सप्ताह योगिनी एकादशी, रवि प्रदोष और मासिक शिवरात्रि के साथ ग्रहों की चाल भी बड़ा असर दिखा सकती है। जानिए पूरा कैलेंडर।
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भारत

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Akash Dewani

Jul 06, 2026

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Yogini Ekadashi-Ravi Pradosh Sanyog: 6 से 12 जुलाई वाले सप्ताह में तीन बड़े व्रत-त्योहारों का संयोग (फोटो सोर्स-Chatgpt)

Yogini Ekadashi-Ravi Pradosh Sanyog- हिंदू पंचांग के अनुसार, 6 से 12 जुलाई तक यह सप्ताह (Weekly Hindu Calendar) धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास होने जा रहा है। आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष के अंतर्गत आने वाले इस सप्ताह में एकादशी, रवि प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि जैसे कई बड़े एवं महत्वपूर्ण व्रत-त्योहारों का अद्भुत संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह सात दिन मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और दान-पुण्य के कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ सिद्ध होगे।

ज्योतिषाचार्य ने बताई तारीख

ज्योतिषाचार्य सचिनदेव के अनुसार सप्ताह की शुरुआत आषाढ़ कृष्ण पक्ष के साथ हो रही है। सात जुलाई मंगलवार को कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा। इसके बाद, इस सप्ताह का सबसे प्रमुख व्रत 10 जुलाई शुक्रवार को पड़ेगा, जिसे 'योगिनी एकादशी' के नाम से जाना जाता है। श्रद्धालु इस दिन उपवास रखकर श्रीहरि की विशेष आराधना करेंगे, जिसका पारण अगले दिन 11 जुलाई को सुबह 5:35 से 8:15 के मध्य किया जाएगा। वहीं वैष्णव संप्रदाय के अनुयायी 11 जुलाई को वैष्णव योगिनी एकादशी और कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी मनाएंगे।

रवि प्रदोष के साथ सम्पन्न होगा सप्ताह

सप्ताह का समापन 12 जुलाई को कल्याणकारी संयोग के साथ होगा। इस दिन रवि प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का महासंगम हो रहा है। रविवार के दिन प्रदोष व्रत होने से रवि प्रदोष योग बनेगा। यह अच्छी सेहत, यश और दीर्घायु की प्राप्ति के लिए अमोघ माना गया है। त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 12 जुलाई को तड़के 2:04 से होगा, जो रात 10:29 बजे तक रहेगी। भगवान शिव के जलाभिषेक और साधना के लिए शाम को 7:22 से रात 9:24 तक का समय प्रदोष काल सर्वश्रेष्ठ मुर्त रहेगा। इसी रात शिवरात्रि का पूजन भी किया जाएगा।

ग्रहों की चाल और ज्योतिषीय प्रभाव

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस सप्ताह ग्रहों की स्थिति में भी विशेष बदलाव देखने को मिलेंगे। सूर्य देव पूरे सप्ताह मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जो इसके अगले सप्ताह 16 जुलाई को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं मिथुन और कर्क राशि के आस-पास बुध और शुक्र की युति रहने से कुछ राशियों के लिए बुधादित्य और लक्ष्मी-नारायण जैसे शुभ राजयोगों का निर्माण होगा, जिससे व्यापार और आर्थिक मोर्चे पर मिलाजुला प्रभाव रहेगा। इसके अतिरिक्त शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में और राहु मीन व केतु कन्या राशि में गतिमान रहेंगे।