वैशाख अमावस्या आज गुरुवार को है, इसी दिन साल 2023 (Sury grahan 2023) का पहला सूर्य ग्रहण लगा है जो हाइब्रिड सूर्य ग्रहण भी है। सूर्य ग्रहण करीब 7.05 बजे से शुरू हो गया है, हालांकि यह भारत में दृष्ट नहीं है। लेकिन इसका हमारे आसपास की हर चीज पर प्रभाव पड़ता है। धार्मिक ग्रंथों में सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सूर्य ग्रहण के समय और सूर्य ग्रहण के बाद (after eclipse) के लिए कुछ नियम बनाए (Lord Surya Mantras) हैं, जिसको मानने से हम समस्याओं से बच सकते हैं।
धार्मिक ग्रंथों में क्या बताए गए हैं नियम
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जब सूर्य ग्रहण की शुरुआत हो तो मानसिक जप-तप, ग्रहण के मध्यकाल में होम पूजा, मंत्र जप, ग्रहण के मोक्षकाल के पास दान करना चाहिए और ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना चाहिए।
सूर्य ग्रहण के दौरान यह कार्य क्या करें
1. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय मानसिक जप तप करना चाहिए, इस समय आप भगवान सूर्य की पूजा कर सकते हैं। उनके लिए आदित्य हृदय स्त्रोत पढ़ सकते हैं। साथ ही आप अपने स्वामी ग्रह का मंत्र जप सकते हैं।
2. सूर्य ग्रहण के समय घी या तेल में पका भोजन, दूध, लस्सी, तेल, घी, चटनी, मुरब्बा, अचार, पनीर, मक्खन, कच्ची निर्मित खाद्य सामग्री आदि में तुलसी दल या कुश डालना चाहिए।
3. ग्रहण के समय पूजा पाठ धार्मिक ग्रंथों में निषिद्ध किया गया है, लेकिन मंत्र जाप और पाठ कर सकते हैं। ताकि ग्रहण के प्रभाव को कम किया जा सके। इसके अलावा सूर्य ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति का स्पर्श भी नहीं करना चाहिए। इसे धार्मिक ग्रंथों में वर्जित किया गया है।
4. ग्रहण काल में भोजन नहीं करना चाहिए, इस समय श्राद्ध-तर्पण कर सकते हैं। हालांकि बालकों और वृद्धों को इस नियम से छूट दी गई है।
5. सूर्य ग्रहण को नग्न आंख से न देखें और न इस समय किसी धार्मिक स्थल में प्रवेश करें। इस समय नाखून, बाल नहीं काटना चाहिए, इस समय तेल मालिश भी नहीं करना चाहिए। इस समय यात्रा से भी परहेज करना चाहिए।
6. गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के समय काटने, बुनने, सिलने का काम नहीं करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के समय सोने को भी निषिद्ध किया गया है। इस समय ईश्वर का जप करना चाहिए, गंगाजल और कुश पास में रखें। इस समय जब तक बहुत जरूरी न हो घर से बाहर न निकलें।
सूर्य ग्रहण के समय इन मंत्रों का करें जाप
1. ऊँ घृणिं सूर्य्यः आदित्यः
2. ऊँ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्त्रकिरणाय मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा
3. ऊं ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
4. ऊँ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ऊँ
5. ऊँ सूर्याय नमः
6. ऊँ हिरण्यगर्भाय नमः
सूर्य ग्रहण के बाद क्या करें
1. सूर्य ग्रहण के मोक्षकाल के बाद घर प्रतिष्ठान हर जगह की साफ सफाई करनी चाहिए। गंगाजल का छिड़काव कर सभी को शुद्ध करना चाहिए। आज 12. 29 बजे दोपहर में सूर्य ग्रहण समाप्त हो रहा है।
2. सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद सभी जगहों को नमक के पानी से धोना चाहिए ताकि नकारात्मक शक्तियां दूर रहें। इसके बाद गंगाजल डालकर स्नान करें, देवताओं को भी स्नान कराएं।
3. सूर्य ग्रहण के बाद दान पुण्य करना चाहिए। तांबे के बर्तन, गेहूं, सूत, चना, नमक, गुड़ आदि चीजों का दान करना चाहिए और जरूरतमंदों को भोजन भी कराएं।