20वीं सदी के संत बाबा नीम करोली (Neem Karoli Baba Tips) पर लाखों लोगों की श्रद्धा है, जूलिया रॉबर्ट्स हों, फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग या एप्पल के को फाउंडर स्टीव जॉब्स या भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली सभी पर बाबा नीम करोली का प्रभाव है। आज के जमाने में अक्सर लोगों को छोटी-छोटी बातों पर तनाव से पीड़ित होते देखा जा रहा है। ऐसे समय में आइये आपको टेंशन और चिंता से छुटाकारे के लिए बाबा नीम करोली के टिप्स बताते हैं। स्टूडेंट्स और युवाओं के भी काम की हैं यह पांच सीख..
बाबा के कई जगह आश्रम हैं, लेकिन इनका प्रमुख आश्रमा कैंचीधाम उत्तराखंड में है। जहां देश विदेश से भक्त आते हैं और बाबा के समाधिस्थ होने के बाद भी उस स्थान पर बसी बाबा की आध्यात्मिक ऊर्जा से अपने कल्याण का रास्ता प्राप्त करते हैं। मान्यता है यहां जो भी अपनी मुराद लेकर आया खाली हाथ नहीं गया। पिछले दिनों खराब फॉर्म से जूझ रहे क्रिकेटर विराट कोहली के यहां आने के बाद से फिर यह आश्रम सुर्खियों में है। बाबा के भक्तों के अनुसार नीम करोली बाबा ने लोगों को परेशानियों से बचने के कई उपाय बताए हैं। इसी में टेंशन से बचने के उपाय भी हैं।
ऐसे बच सकेंगे तनाव से
भरोसा है रामबाण दवा
नीम करोली बाबा भक्ति को हर समस्या के समाधान का रास्ता मानते थे। बाबा का कहना था कि जब तक जीवन है, टेंशन और चिंता भी तभी तक है। यह कभी खत्म भी नहीं होने वाली, इसलिए पूरा जीवन तनाव और चिंता में बिताने से अच्छा सब ईश्वर पर छोड़ दें और जो काम कर सकते हैं वही ठीक ढंग से करने में ध्यान दें। यदि आप ईश्वर पर भरोसा करते हैं तो किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है और अगर आप चिंता कर रहे हैं तो निश्चित ही ईश्वर पर आपको भरोसा नहीं है।
सफलता असफलता के विषय में न सोचें
नीम करोली बाबा का कहना था कि मनुष्य को जो भी चीज पसंद होती है, वह उसे पाना चाहता है। लेकिन यह कभी नहीं सोचना चाहिए कि हम जो चाहते हैं वह हमें मिल ही जाएगा। बाबा के अनुसार हमें सफलता असफलता के विषय में नहीं सोचना चाहिए। अगर मनमुताबिक कुछ नहीं मिलता तो भी निराश नहीं होना चाहिए। हालांकि प्रयास करते रहना चाहिए।
हमें जानना चाहिए कि ईश्वर से जो कुछ भी हमें मिलता है, वास्तव में वही हमारे हित में होता है। इसलिए सिर्फ अच्छे काम करने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ईश्वर जो भी करते हैं और जो देते हैं उसी में आपकी और सबकी भलाई होती है। इस बात को आप जितनी जल्दी समझ जाएंगे, उतनी जल्दी ही चिंता और तनाव से दूर हो जाएंगे।
चिंता और चिंतन में फर्क जानें
बाबा नीब करोरी बाबा का कहना था कि चिंता, चिंतन में अंतर होता है और यह भी कि चिंता मूर्ख लोग करते हैं। क्योंकि वो वह काम करते हैं जो उनका नहीं है। बाबा कहते थे कि मनुष्य का काम अपने अच्छे कर्मों पर ध्यान देना है, अच्छे काम कैसे करें इस पर विचार कर रहे हैं तो यह चिंतन है और इसके अनुसार काम करने के बाद आगे के लिए ईश्वर पर छोड़ दें। चिंतामुक्त जीवन के लिए जरूरी है चिंता न करें सिर्फ चिंतन करें।
कोई समस्या आने पर रास्ता खोजें
बाबा नीम करोली के अनुसार कोई समस्या आए तो उसको लोकर चिंता से परेशान हो जाने के बजाय समस्या का हल खोजने का प्रयास करना चाहिए। जब समस्या के हर पहलू पर विचार कर उससे निकलने का रास्ता खोजेंगे तो उसका कोई उपाय जरूर मिलेगा और सफलता भी मिलेगी।
ऐसे हर पल का आनंद लें
बाबा नीम करोली के अनुसार आज की लाइफस्टाइल ऐसी है कि हर व्यक्ति उस चीज के पीछे भागता रहता है जिसकी उसे ज्यादा जरूरत भी नहीं है और दूर भी है और मौजूदा स्थिति में खुश नहीं रहता, न ही इस पल का आनंद लेता है। बाबा नीम करोली कहते हैं कि बड़े सपने देखें, लक्ष्य तय करें और आगे बढ़ें। साथ ही ईश्वर पर भरोसा करें कि आपको सफलता मिलेगी। साथ ही जीवन की समस्याओं से घबराएं नहीं और यह याद रखें कि मुश्किल वक्त भी बीत जाता है।