
Somvati Amavasya 2026 : सोमवती अमावस्या 2026 का महत्व (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)
Somvati Amavasya Muhurat: 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या, आषाढ़ संक्रांति और सूर्य के मिथुन राशि (Sun Transit in Gemini) में प्रवेश का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन स्नान-दान, पूजा और पितृ तर्पण का विशेष महत्व रहेगा। वहीं सूर्य दोपहर 12:53 बजे वृष राशि से निकलकर मिथुन राशि (Mithun Sankranti 2026) में प्रवेश करेंगे। जानिए सोमवती अमावस्या का स्नान-दान मुहूर्त, राहुकाल, शुभ योग और दिनभर का पंचांग।
| विवरण | तिथि | समय |
|---|---|---|
| अमावस्या तिथि प्रारंभ | 14 जून 2026 | दोपहर 12:19 बजे |
| अमावस्या तिथि समाप्त | 15 जून 2026 | रात 08:23 बजे |
| ब्रह्म मुहूर्त (स्नान-दान हेतु) | 15 जून 2026 | प्रातः 04:02 बजे – 04:43 बजे |
| अभिजित मुहूर्त (स्नान-दान हेतु) | 15 जून 2026 | दोपहर 12:12 बजे – 01:06 बजे |
अगर आप आज किसी बड़े काम, बिजनेस डील या इंटरव्यू के लिए घर से निकलने वाले हैं, तो अपनी दिशा का खास ख्याल रखें। आज पूर्व दिशा में दिशा शूल रहेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि आज पूर्व दिशा में यात्रा करना कष्टकारी या नुकसानदेह साबित हो सकता है। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो घर से कुछ मीठा खाकर और भगवान का स्मरण करके ही निकलें। इसके अलावा, सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक राहुकाल रहेगा, इस दौरान कोई भी नया या शुभ काम शुरू न करें।
आज का दिन उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है जो नया व्यापार, गृह प्रवेश या कोई मांगलिक कार्य शुरू करना चाहते हैं। आज सूर्योदय से लेकर शाम को 7:08 तक सर्वार्थसिद्धि योग और अमृतसिद्धि योग की जुगलबंदी रहेगी। ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को बेहद शक्तिशाली माना गया है, जिसमें किया गया कोई भी कार्य निष्फल नहीं जाता।
अमृत चौघड़िया: सूर्योदय से सुबह 7:19 तक
शुभ चौघड़िया: सुबह 9:02 से 10:44 तक
चर चौघड़िया: दोपहर 2:10 से 3:52 तक
लाभ व अमृत चौघड़िया: दोपहर 3:52 से सूर्यास्त तक
आज ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव हो रहा है, जिसका असर आज पैदा होने वाले बच्चों के स्वभाव पर भी दिखेगा।
सुबह 8:41 तक जन्मे बच्चे: इनकी राशि वृष (स्वामी- शुक्र) होगी। ये बच्चे बेहद धैर्यवान, शांत, कलाप्रेमी, माता-पिता के भक्त और आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होंगे।
सुबह 8:41 के बाद जन्मे बच्चे: इनकी राशि मिथुन (स्वामी- बुध) होगी। ये बच्चे पैदाइशी बुद्धिमान, चतुर, बेहतरीन वक्ता, गणित के जानकार और कुशल व्यापारी बनेंगे।
विक्रम संवत्: 2083 (रौद्र)
तिथि: अमावस्या (सुबह 8:24 तक), इसके बाद प्रतिपदा।
नक्षत्र: मृगशिरा (शाम 7:08 तक), फिर आर्द्रा।
विशेष व्रत/उत्सव: सोमवती अमावस्या, ज्येष्ठ (पुरुषोत्तम) मास समाप्त, आषाढ़ संक्रांति, करवीर व्रत, ओड़िशा का प्रसिद्ध राजस् संक्रांति पर्व।
Published on:
14 Jun 2026 04:51 pm
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