Planet Transit effects : होगा देश दुनिया में बड़ा बदलाव!
ग्रहों की दशा व दिशा न केवल व्यक्तियों पर अपना असर छोड़ती है, बल्कि यह देश दुनिया पर भी अपना खास असर डालती है। ऐसे में अक्टूबर 2021 के शुरुआती दिनों में हुए दो ग्रहों के राशि परिवर्तन एक बार फिर देश दुनिया में बड़ा बदलाव करते दिख रहे हैं।
दरअसल शनिवार,02 अक्टूबर 2021 को भाग्य के कारक व दैत्यगुरु शुक्र ग्रह ने जहां देवसेनापति मंगल की राशि वृश्चिक में प्रवेश किया है, तो वहीं दूसरी ओर बुद्धि के कारक ग्रह बुध वक्री गति करते हुए अपनी ही उच्च की राशि कन्या में चले गए हैं।
इसे लेकर ज्योतिष के जानकार पंडित एके शुक्ला का कहता है कि दोनों ग्रहों के ये एक ही दिन हुए परिवर्तन का देश दुनिया पर खास प्रभाव देखने को मिलेगा। पंडित शुक्ला के अनुसार ऐसे में मौसम में खास बदलाव के अलावा मार्केट में रौनक लौटने के साथ कुछ लंबे समय से तकरीबन बंद चल रहे उद्योगों में अचानक उछाल आने की संभावना है।
ग्रहों की इस परिवर्तन का क्या होगा असर: ऐसे समझें
पं शुक्ला के मुताबिक इसका कारण ये है कि एक ओर जहां शुक्र ग्लैमर, फैशन, विलास आदि के कारक देव हैं तो वहीं बुद्ध संचार के देव माने गए हैं। ऐसे में एक ही दिन हो रहे इनके गोचर इस बार कुछ बड़ा करते दिख रहे हैं। जिसके असर सीधे तौर से देश के बाजार व अन्य जगहों पर देखने को मिल कसता है। वहीं दूसरी ओर जल्द ही त्योहारी सीजन भी शुरु होगा जो इनकी स्थिति को ओर बढ़ाता दिख रहा है।
ऐसे में शुक्र के अधिपत्य वाले खनिज जिनमें हीरे, चांदी आदि शामिल हैं, उनकी कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं पेट्रोल, मसालों, तेल और दाल जैसी कुछ जरूरी वस्तुओं के भी महंगे होने का अंदेशा है। साथ ही कुछ फाइन टेक्सटाइल्स की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
इसके साथ ही इस दौरान दुनियाभर में कोरोना संक्रमण मामलों की संख्या में वृद्धि की प्रबल आशंका है, इसका कारण गुरु का नीच राजयोग बनाना भी माना जा रहा है। वहीं शुक्र के अपनी राशि से हटते ही इसके फैलाव की आशंका को बल मिलता दिख रहा है।
लेकिन राहु व केतु की स्थिति को देखते हुए ये भी संभावना है कि कुछ नई दवाओं के नए परीक्षणों के साथ देश इसके संक्रमक फैलाव पर अंकुश लगाते दिखेंगे। मेडिकल क्षेत्र में भी इस दौरान कुछ खास बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
जिसके फलस्वरूप मुमकिन है कि वो दवा जो शुरुआत में सही तरीके से कार्य न करते हुए अपने प्रमुख परिणाम दुनिया के सामने नहीं ला पा रही थी वो अब ठीक से काम करना शुरु कर दे।
शुक्र व बुध की इस बदली हुई चाल व ग्रह परिवर्तन की स्थिति में कुछ ऐसी वैज्ञानिक खोजों और परियोजनाओं को पुनर्जीवित किया जा सकता है, जो अब तक अधूरी बनी हुईं थीं।
इसके अलावा कोरोना काल से सिनेमाघरों में ताला लग जाने के बाद अब मनोरंजन का क्षेत्र तेजी से प्रगति करता दिखेगा। जिसके फलस्वरूप आने वाली फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल होती दिख रही हैं। एक ओर जहां ये फिल्में अच्छा पैसा कमाएंगी वहीं इस समय मीडिया क्षेत्र में भी तेजी आ सकती है।
ग्रहों के इस बदलाव के परिणाम स्वरूप मौसम में कुछ खास बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिसके कारण अक्टूबर के शुरुआती दिनों में कुछ जगहों पर लू के थपेड़ों तो कहीं अचानक गर्मी की वापसी की स्थिति महसूस की जा सकती है।
जहां तक देश की राजनीति में इन ग्रहों के प्रभाव की बात है तो ज्योतिष के जानकारों के अनुसार इसके चलते किसानों को मिलने वाली सब्सिडी और सुविधाओं पर विचार की संभावना के बीच कोई बड़ा बदलाव आता नहीं दिख रहा है।
वहीं ग्रहों के प्रभाव केवल एक देश तक ही सीमित न रहते हुए पूरे विश्व पर अपना प्रभाव छोड़ेंगे। जिसके चलते संभावना है कि दुनिया के देश व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए वैश्विक स्तर पर कुछ पुरानी संधियां और दस्तावेज पर फिर से विचार कर सकते हैं। इसके साथ ही इस समय व्यापारिक नीतियों में बदलाव के कारण कुछ देशों के बीच गलतफहमियां उत्पन्न होने की संभावना है।