चूंकि यह पेड़ काटा भी नहीं जाता, ऐसे में अब आप क्या करेंगे? पत्रिका.कॉम में पं. प्रदीप पांडे से जाने अपने इस सवाल का जवाब...
हिन्दु धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पीपल के पेड़ को बेहद पवित्र और श्रेष्ठ बताया गया है। मना जाता है कि इस पेड़ में देवी-देवताओं का वास होता है। इसीलिए इस पेड़ को पूजनीय माना जाता है। भगवान कृष्ण ने गीता के उपदेश में अपने आपको पीपल का वृक्ष बताया है। वहीं वैज्ञानिकों ने भी पर्यावरण के लिए इसे बेहद उपयोगी माना है। यही कारण हैं कि सनातन धर्म में इसे पूजनीय वृक्ष माना गया है। इसे कभी भी काटा नहीं जाता। लेकिन पीपल का यह पेड़ यदि घर में उग जाए तो अशुभ माना जाता है। चूंकि यह पेड़ काटा भी नहीं जाता, ऐसे में अब आप क्या करेंगे? पत्रिका.कॉम में पं. प्रदीप पांडे से जाने अपने इस सवाल का जवाब...
- यदि घर में पीपल का पेड़ बार-बार एक ही जगह पर उग रहा है तो आप 45 दिन तक पीपल के उस पौधे की पूजा करें और उस पर कच्चा दूध चढ़ाते रहें। इसके बाद आप इसे जड़ सहित उखाड़ कर किसी दूसरे स्थान पर लगा सकते हैं।
- ज्योतिष के मुताबिक घर में पीपल के पेड़ का होना या पीपल के पेड़ की छाया पडऩा अशुभ माना जाता है। इससे घर परिवार के सदस्यों की तरक्की में बाधाएं आने लगती हैं। घर पर आर्थिक संकट आ सकता है। यदि आपके घर में भी पीपल का पेड़ उग गया है तो, रविवार के दिन आप पीपल के पेड़ की विधि-विधान से पूजा कर लें। बाद में आप उसे कटवा सकते हैं।
- वास्तु शास्त्र या ज्योतिष के मुताबिक पीपल के पेड़ का घर में उगना अशुभ माना गया है। यदि यह आपके घर में उग गया है तो इसे थोड़ा बड़ा होने दें। इसके बाद इसे मिट्टी सहित खोदकर किसी दूसरी जगह पर लगा सकते हैं।
- यदि किसी व्यक्ति के घर में पूर्व दिशा की ओर पीपल का पेड़ उग आया हो, तो उस घर में अनावश्यक भय पैदा होने लगता है। गरीबी दस्तक देने लगती है। इसलिए पेड़ को हटाने या काटने से पहले उसकी विधि-विधान से पूजा करें। यदि पीपल अभी पौधा ही है, तो उसे एक गमले में लगाकर किसी मंदिर में रख सकते हैं। वहीं यदि यह पेड़ बन चुका है तो पूजा के बाद आप इसे कटवा सकते हैं।