Rahu-Ketu Ke Upay: जिनकी कुंडली में ये ग्रह कमजोर स्थिति में होते हैं उन्हें जीवन में कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।
ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु ग्रहों का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान होता है। ये हमेशा वक्री चाल ही चलते हैं। इन दोनों ग्रहों को एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने में करीब 18 महीने लंबा समय लगता है। ज्योतिष में राहु-केतु को पापी और छाया ग्रह माना जाता है। जिनकी कुंडली में ये ग्रह कमजोर स्थिति में होते हैं उन्हें जीवन में कई मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। जानिए राहु-केतु के खराब होने पर क्या मिलते हैं संकेत और इन्हें मजबूत करने के क्या हैं उपाय।
कमजोर राहु के संकेत: कुंडली में अगर राहु कमजोर स्थिति में है तो जीवन में अचानक से घटनाएं घटित होने लगेंगी। नींद की समस्या होने लगेगी, डरावने सपने आने लगेंगे, मानसिक उलझनें अचानक से बढ़ जाएंगी। शरीर में अचानक अकड़न महसूस होने लगेगी, आलस अधिक रहेगा।
कमजोर केतु के संकेत: नींद की समस्या, धन प्राप्त करने में समस्या, गृह-क्लेश, संतान से जुड़े कष्ट, जोड़ों में दर्द, चर्म रोग, रीढ़ की हड्डी में दर्द, घुटनों का दर्द आदि समस्याएं।
राहु-केतु को मजबूत करने के उपाय:
-माँ दुर्गा की नियमित पूजा करें। यदि रोजाना माँ दुर्गा की पूजा न कर सके तो रविवार के दिन तो पूजा जरूर करें।
-ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय मन्त्र का रोज़ाना 108 बार जाप करने से राहु-केतु के दोषों से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
-राहु के बीज मन्त्र “ॐ रां राहवे नमः” का 108 बार जाप करें।
-केतु के बीज मन्त्र “ॐ कें केतवे नमः” का 108 बार जाप करें।
-राहु-केतु को मजबूत करने के लिए काले रंग के वस्त्र धारण करके राहु के तांत्रिक मंत्र “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:” और केतु तांत्रिक मंत्र “ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम:” का 18, 11 या 5 माला का जाप करें। इससे आपके कष्ट कम होने लगेंगे। इन दोनों मन्त्रों का जाप शाम के समय में किया जाना चाहिए।
-कुत्ते को नियमित रूप से रोटी खिलाएं।
-शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
-रुद्राक्ष की माला से रोजाना ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से भी राहु-केतु दोष से मुक्ति मिलती है।
क्या आपको भी आते हैं ऐसे डरावने सपने? तो डरिए मत क्योंकि इनका मतलब होता है बेहद शुभ