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Planetary Alignment: 11 से 15 जून एक ही कतार में सजे नजर आएंगे शुक्र, गुरु और बुध, जानें कब और कैसे देखें

Venus, Jupiter and Mercury Planet Parade June 2026 : 11 से 15 जून 2026 के बीच आसमान में दिखेगा दुर्लभ Planetary Alignment। जानिए कब, कहां और कैसे देखें शुक्र, बुध और बृहस्पति की खास युति।

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भारत

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Manoj Vashisth

Jun 10, 2026

Venus, Jupiter and Mercury

Planetary Alignment : 11 जून से आसमान में सजेगी तीन ग्रहों की अनोखी महफिल (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Planetary Alignment June 2026: यदि आप भी तारों भरे आसमान और अंतरिक्ष के रहस्यों को जानने के शौकीन हैं, तो अपने कैलेंडर पर आज ही से घेरा बना लीजिए। सौरमंडल के तीन प्रमुख ग्रह शुक्र (Venus), बृहस्पति (Jupiter) और बुध (Mercury) एक अनोखी जुगलबंदी दिखाने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में इस दुर्लभ नजारे को 'प्लैनेटरी एलाइनमेंट' (Planetary Alignment) या ग्रहों की युति कहा जाता है।

आसमान में होने जा रहा यह अद्भुत खगोलीय नजारा कोई काल्पनिक घटना नहीं, बल्कि खगोलशास्त्र का एक ऐसा जीवंत जादू है जो इस पूरे हफ्ते लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने वाला है।

11 से 15 जून: नोट कर लें तारीख और समय

वैज्ञानिकों और खगोलविदों के अनुसार, यह जादुई नजारा कल यानी 11 जून से 15 जून के (Space.com – Venus, Jupiter and Mercury Planet Parade June 2026) बीच सबसे स्पष्ट दिखाई देगा। इस दौरान सूर्यास्त के ठीक बाद पश्चिमी क्षितिज (West Horizon) पर इन तीनों ग्रहों को एक साथ, एक ही दिशा में चमकते हुए देखा जा सकेगा।

विशेषज्ञों की सलाह: इस नजारे को देखने के लिए किसी ऐसी ऊंची जगह या खुले मैदान का चुनाव करें जहां प्रदूषण और कृत्रिम रोशनी (शहर की लाइटें) कम हो। यदि आसमान साफ रहा, तो इन्हें नग्न आंखों से भी देखा जा सकता है, लेकिन दूरबीन (Binoculars) का इस्तेमाल आपके अनुभव को और बेहतर बना देगा।

क्या वाकई करीब आ रहे हैं ये ग्रह?

आम लोगों के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या ये ग्रह आपस में टकराने वाले हैं? वैज्ञानिकों ने इस बात को पूरी तरह साफ किया है। दरअसल, यह केवल एक 'ऑप्टिकल इल्यूजन' (दृष्टि भ्रम) है। ब्रह्मांड में इन ग्रहों की दूरी एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर है। लेकिन अपनी-अपनी कक्षाओं में घूमते हुए, धरती से देखने पर ये एक सीधी रेखा में नजर आते हैं।

क्यों खास है इस बार का यह नजारा?

खगोल विज्ञान के इतिहास पर नजर डालें तो ग्रहों का इस तरह एक कतार में आना बेहद दुर्लभ माना जाता है।

ग्रहों का अपना मिजाज: शुक्र को आकाश का सबसे चमकीला ग्रह माना जाता है, जबकि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। बुध सूर्य के सबसे नजदीक होने के कारण अक्सर सूर्य की रोशनी में छिप जाता है। इसलिए, बुध को देख पाना सबसे मुश्किल काम होता है, लेकिन इस बार शुक्र और गुरु की मौजूदगी इसे खोजना आसान बना देगी।

अगली बार कब?: इस तरह के त्रिकोणीय या बहु-ग्रहों के मिलन (When Is The Next Planetary Alignment) सालों में एकाध बार ही होते हैं। इसके बाद ऐसा सटीक संयोग देखने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

यदि मौसम ने साथ दिया, तो यह जून का महीना खगोल प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होने वाला है। तो फिर देर किस बात की? आने वाले चार दिनों तक शाम होते ही अपनी नजरें आसमान की ओर टिकाए रखिए!