धर्म और अध्यात्म

नारद पुराण: जीवन में दरिद्रता से बचने के लिए कभी न करें ये गलतियां

Narada Purana: धर्म शास्त्रों के अनुसार, नारद मुनि लोक कल्याण के लिए धर्म का प्रचार प्रसार करते हुए तीनों लोकों में विचरण करते थे। वे भगवान ब्रह्मा के पुत्र माने जाते हैं। वहीं देवर्षि नारद के नारद पुराण में जीवन से जुड़ी कई अमूल्य बातों का उल्लेख मिलता है जिन्हें अपनाकर मनुष्य जीवन के दुखों से दूर रह सकता है।
2 min read
narad puran kya hai, narada purana in hindi, how to maintain happiness in life, how to bring prosperity in life, नारद पुराण क्या है, नारद पुराण के उपाय, नारद मुनि कौन थे, नारद पुराण, नारद मुनि,
नारद पुराण: जीवन में दरिद्रता से बचने के लिए कभी न करें ये गलतियां

हिंदू धार्मिक शास्त्रों में नारद मुनि का एक महत्वपूर्ण स्थान है। नारद मुनि तीनों लोकों में धर्म का प्रचार प्रसार करते हुए लोक कल्याण के लिए विचरण किया करते थे। नारद मुनि का केवल देव ही नहीं बल्कि असुर भी सम्मान करते थे। नारद मुनि द्वारा स्वयं मुख से कहा गया नारद पुराण या नारदीय पुराण 18 पुराणों में से एक है। इस पुराण में व्याकरण, शिक्षा, ज्योतिष, छंद शास्त्रों और ईश्वर की उपासना का वर्णन मिलता है। वहीं माना जाता है कि महर्षि नारद जी के इस पुराण में जीवन के ऐसे सूत्रों के बारे में जानकारी दी गई है जिन्हें अपनाकर मनुष्य को जीवन के कष्टों और पापों से मुक्ति मिलती है...

1. नारद पुराण के अनुसार व्यक्ति को अपने सिर में तेल लगाने के बाद बचे हुए तेल को कभी भी शरीर पर नहीं लगाना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से इससे आपका शरीर अशुद्ध हो जाता है तथा साथ ही धन की बरकत में भी रुकावट पैदा होती है।

2. नारद पुराण में दिन में सोने को भी शुभ नहीं बताया गया है। इस पुराण के अनुसार जो लोग दिन में सोते हैं उनके घर में धन और वैभव की क्षति होती है। इसके अलावा सूर्योदय और शाम के समय सोना भी सही नहीं माना जाता। नारद मुनि के अनुसार यह वक्त भगवान की आराधना का होता है इसलिए इस समय सोने से इष्ट देवता नाराज हो सकते हैं।

3. कभी भी अपने बालों को मुंह में नहीं दबाना चाहिए क्योंकि ये आदत आपके जीवन में अशुभ फलों का कारण बन सकती है। माना जाता है कि जो व्यक्ति ऐसा करता है उसे न केवल रोग घेर लेते हैं बल्कि जीवन के सुखों पर भी गलत प्रभाव पड़ता है। हिंदू धर्म में केश या बालों की पवित्रता को बहुत महत्व दिया गया है।

4. कई लोगों को निर्वस्त्र होकर सोने की आदत होती है। लेकिन नारद पुराण में ऐसा करना गलत माना गया है। आपको भूलकर भी बिना कपड़ों के नहीं सोना चाहिए। क्योंकि इससे देवता ही नहीं बल्कि आपके पितृ भी नाराज होते हैं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)

यह भी पढ़ें: बड़ा मंगल 2022: ज्येष्ठ का चौथा बड़ा मंगल 7 जून को, जानें बजरंगबली और उनके पुत्र मकरध्वज की पहली मुलाकात की क्या है कहानी

Updated on:
06 Jun 2022 02:26 pm
Published on:
06 Jun 2022 02:22 pm