
कब है बुद्ध पूर्णिमा| Freepik
Buddha Purnima 2026 Date: मई का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान Buddha Purnima 2026 का पावन पर्व मनाया जाएगा। वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि पर आने वाली यह शुभ घड़ी भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ी मानी जाती है। इस दिन स्नान-दान, पूजा-पाठ और ध्यान करने का विशेष महत्व होता है, जिससे व्यक्ति को पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं मई में पड़ने वाली बुद्ध पूर्णिमा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और इस दिन किए जाने वाले पुण्य कार्यों के बारे में।
हिंदू धर्म में भी इस दिन को विशेष माना जाता है। कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है। इस कारण श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु, सत्यनारायण और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। व्रत रखा जाता है और चंद्रमा को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
वर्ष 2026 में बुद्ध पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी। वैशाख पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 9 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होकर 1 मई की रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। प्रातःकाल का समय स्नान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन सुबह 4:15 से 4:58 और फिर 5:41 से 10:39 तक स्नान का विशेष मुहूर्त है, जिसमें किए गए धार्मिक कार्यों का विशेष फल मिलता है।
बौद्ध अनुयायी धम्मपद और त्रिपिटक जैसे पवित्र ग्रंथों का पाठ करते हैं और ध्यान-योग के माध्यम से मन को शुद्ध करते हैं। बोधगया में स्थित पवित्र बोधि वृक्ष की पूजा की जाती है, जो ज्ञान और जागृति का प्रतीक है। घरों और मंदिरों में दीप जलाकर प्रकाश फैलाया जाता है और बुद्ध के उपदेशों का स्मरण कर जीवन को सही दिशा देने का प्रयास किया जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा का सबसे बड़ा महत्व इस बात में छिपा है कि यह दिन महात्मा बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं का प्रतीक है। माना जाता है कि इसी दिन उनका जन्म लुंबिनी में हुआ, बोधगया में ज्ञान प्राप्त हुआ और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। यही कारण है कि यह पर्व आत्मचिंतन, शांति और सच्चे जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश देता है।
Updated on:
11 Apr 2026 09:47 am
Published on:
11 Apr 2026 09:47 am
