
Panchang 12 April 2026 : आज का पंचांग शुभ समय (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)
Aaj KaPanchang 12 April 2026 : आज का पंचांग 12 अप्रैल 2026, रविवार : हिंदू पंचांग के अनुसार आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, जो रात्रि 3:17 तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी। आज श्रवण नक्षत्र दिन 3:14 तक रहेगा और उसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र शुरू होगा। साध्य योग सायं 6:16 तक रहेगा, फिर शुभ योग लगेगा।
आज के दिन शुभ कार्यों के लिए लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया का विशेष महत्व है, जबकि राहुकाल में नए कार्यों से बचना चाहिए। साथ ही पश्चिम दिशा में दिशा शूल होने के कारण यात्रा करते समय विशेष सावधानी जरूरी है।
इस पंचांग में आपको आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, तिथि-नक्षत्र, व्रत-त्योहार और पूरे सप्ताह के प्रमुख पर्वों की विस्तृत जानकारी मिलेगी, जिससे आप अपने दिन की सही योजना बना सकते हैं।
आज दिन में चर का चौघड़िया 7.45 से 9.19 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.19 से 12.28 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.02 से 3.36 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय -यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – दशमी तिथि रात्रि 3.17 तक होगी तदुपरान्त एकादशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – श्रवण नक्षत्र दिन 3.14 तक रहेगा तदुपरान्त धनिष्ठा नक्षत्र होगा ।
योग – साध्य योग सायं 6.16 तक रहेगा तदुपरान्त शुभ योग रहेगा ।
करण – वणिज करण दिन 12.57 तक रहेगा तदुपरान्त विष्टि करण रहेगा।
व्रत / दिवस विशेष – भद्रा दिन 12- 57 से रात्रि 1-17 तक, मुनि सुब्रतनाथ जयंती (जैन), पंचक रात्रि 3-45 से प्रारम्भ
चन्द्रमा – आज रात्रि 3.45 तक मकर राशि में होगा तदुपरान्त कुंभ राशि में प्रवेश होगा ।
| Date | Day | Key Events / Details |
|---|---|---|
| 13.04.2026 | Monday | बुध का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश (2:18 PM), वरुथिनी एकादशी व्रत, श्री बल्लभाचार्य जयंती, पंचक, महापात (12:12 AM – 4:05 AM) |
| 14.04.2026 | Tuesday | वैशाख संक्रांति, सूर्य का अश्विनी नक्षत्र मेष राशि में प्रवेश (9:32 AM), पुण्यकाल (3:56 PM तक), मीन मल मास समाप्त, डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती, श्री सैन जयंती, वैशाखी (पंजाब), विशु (केरल), मेष संक्रांति (उड़ीसा), मेषादि/कड़क पूजा (बंगाल), त्रिपुष्कर योग (4:06 PM – 12:13 AM), पंचक |
| 15.04.2026 | Wednesday | भद्रा प्रारम्भ (10:32 AM), प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि, पंचक, बिहु (आसाम), वैशाखादि (बंगाल), हिमाचल दिवस |
| 16.04.2026 | Thursday | भद्रा (9:22 AM तक), शुक्र का कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश (10:14 PM), पंचक, गुरु अंगददेव व हरकिशन पुण्य दिवस, गंडमूल प्रारंभ (1:59 PM), सर्वार्थ सिद्धि योग प्रारंभ |
| 17.04.2026 | Friday | शनि का उत्तरा भाद्रपद चरण 4 में प्रवेश (3:03 PM), अमावस्या (देवपितृकार्य), श्री शुकदेव जयंती, वैधृति पुण्य, पंचक (12:02 PM तक), अमृतसिद्धि योग (सूर्योदय–12:02 PM), सर्वार्थसिद्धि योग (पूरे दिन), कुमार योग (5:22 PM से सूर्योदय तक), मेला पिजोंर (हरियाणा) |
| 18.04.2026 | Saturday | चंद्रदर्शन, दक्षिण श्रृंगोन्नति, पुरातत्व दिवस, देव दामोदर तिथि (आसाम), गुरु अंगददेव जयंती, गुरु तेग बहादुर जयंती, गंडमूल (9:43 AM तक) |
| 19.04.2026 | Sunday | शुक्र का वृष राशि में प्रवेश (3:47 PM), शिवाजी जयंती, परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया / आखा तीज, त्रेतायुगादि, कल्पादि, वर्षीतप समापन (जैन), बद्रीनाथ-केदारनाथ यात्रा प्रारंभ, जिल्काद मास प्रारंभ, विवाह मुहूर्त (रोहिणी नक्षत्र), राजयोग (सूर्योदय–7:10 AM), त्रिपुष्कर योग (7:10 AM–10:50 AM), रवियोग (4:35 AM से) |
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं. ये राशि शांत स्वभाव की धैर्यवान व सहनशील होती हैं परंतु ये लोभी भी होते हैं। इनका व्यवहार गहन विचार करने वाला व क्षमाशील होता हैं। ये लोग अच्छे व्यापारी होते हैं। ये चर राशि होने के कारण एक स्थान पर एक जगह टिक कर कार्य नहीं कर पाते। अधिकतर तोल-मोल कर बात करते हैं और एकांतप्रिय, तपस्या व तप पसंद करते हैं। ऐसे जातक गंभीर, भावुक, संवेदनशील, उच्चाभिलाषी, सेवाधर्मी, मननशील एवं धार्मिक प्रवृत्ति वाले होते हैं।
कुम्भ का स्वामी भी शानि हैं। इनका स्वभाव दयावान, निस्वार्थ, स्वतंत्रताप्रिय, कल्पना शील और देश-विदेश घूमने के शौकीन होते हैं। ये लोग सेल्समेन, वकील व जज होते हैं। ये जातक उच्चाधिकारी, उच्चपदासीन, क्रय-विक्रय, प्रोफेसर, जज-वकील, उच्चपदवी या धनी व्यापारी होते हैं। ये जातक बुद्धिमान, साधन-सम्पन्न, तीव्र स्मरण-शक्ति एवं गंभीर प्रकृति वाले होते हैं। ये जातक दुसरो के प्रति दयाभाव रखने वाला, परोपकारी एवं निस्वार्थ भाव से सेवा करने में तत्प्रर होते हैं। ये जातक स्वाभिमानी, स्वतंत्रताप्रिय एवं नए-नए मित्र बनाने में भी पीछे नहीं हटते। जातक उद्योगी, उधमी, परिश्रमी और इनमें प्रबन्धात्मक योग्यता विशेष होती हैं।
Published on:
11 Apr 2026 09:24 am
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