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Doormat Vastu Tips: मेन डोर का पायदान बन सकता है दरिद्रता की वजह, जानें सही डोरमैट के नियम

Main Door Doormat Vastu Tips: क्या आपके घर में भी लगातार पैसों की तंगी बनी रहती है या बिना बात के कलेश होता है? मुमकिन है कि आपके घर के मुख्य द्वार पर बिछा पायदान (Doormat) ही आपकी बदहाली की वजह हो। जानिए काया कहते हैं वास्तु के नियम।

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भारत

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Manoj Vashisth

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वास्तु विशेषज्ञ सुरेश कुमार शर्मा

May 26, 2026

Right doormat color as per vastu

Vastu tips for main door doormat: पायदान किस रंग का होना चाहिए (फोटो सोर्स : Freepik)

Main Door Doormat Vastu Tips: हम अकसर अपने घर को सजाने के लिए महंगे सोफे, पेंटिंग्स या शो-पीस खरीदने पर खूब पैसा खर्च कर देते हैं। लेकिन सच कहूं तो, जिस चीज को हम सबसे ज्यादा अनदेखा कर देते हैं, वही घर की किस्मत को बदल सकती है डोरमैट, यानी दरवाजे पर रखा एक साधारण-सा (Doormat) पायदान। ज्यादातर लोग इसे बस पैरों की धूल साफ करने के लिए रखते हैं, ताकि गंदगी घर में न आए। लेकिन वास्तुशास्त्र के हिसाब से, डोरमैट न सिर्फ गंदगी, बल्कि घर में घुसने वाली नकारात्मकता को भी अपने में समेट लेता है।

एक छोटी-सी गलती यहां आपकी खुशियों की राह में रोड़ा डाल सकती है। अगर डोरमैट (Doormat) का रंग या आकार गलत है, तो यह खुशियों की बजाय परेशानियां बढ़ा सकता है। तो चलिए जानते हैं वास्तु विशेषज्ञ सुरेश कुमार शर्मा से डोरमैट से जुड़ी कौन-कौन सी गड़बड़ियां आपको भारी पड़ सकती हैं और असल में कैसे एक सही डोरमैट किस्मत को बदल सकता है।

आयताकार डोरमैट ही क्यों है सबसे बेस्ट?

वास्तु विज्ञान कहता है कि घर के मुख्य दरवाजे पर हमेशा आयताकार डोरमैट (Doormat) होना चाहिए। गोल या टेढ़े-मेढ़े आकार के पायदान घर की ऊर्जा को बैलेंस नहीं कर पाते। आयताकार पायदान को स्थिरता और पूर्णता का प्रतीक माना गया है, और इससे घर के लोग सिर्फ आगे बढ़ते हैं, बल्कि रिश्तों में गर्माहट भी बनी रहती है।

किस दिशा में कौन सा रंग आपके लिए लक्की है? (Right doormat color as per vastu)

उत्तर दिशा (North): इस दिशा के स्वामी धन के देवता कुबेर हैं। यहां हमेशा हल्के नीले रंग का डोरमैट बिछाना चाहिए। यह रंग धन के आगमन के नए रास्ते खोलता है।

उत्तर-पूर्व दिशा (North-East): इसे ईशान कोण भी कहते हैं। यहां हल्के पीले रंग का पायदान रखने से घर के सदस्यों की बुद्धि तेज होती है और लगातार उन्नति होती है।

पूर्व दिशा (East): यह सूर्य देव की दिशा है। यहां से सकारात्मक ऊर्जा और प्रकाश घर में प्रवेश करता है। इस दिशा में नीला, हरा और काला रंग छोड़कर कोई भी हल्का रंग चुना जा सकता है।

दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East): यह अग्नि कोण है। यहां हमेशा लाल रंग के डोरमैट का प्रयोग करना चाहिए। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और तरक्की के द्वार खुलते हैं।

दक्षिण-पश्चिम दिशा (South-West): इस दिशा में स्थिरता के लिए हल्के पीले या क्रीम रंग का डोरमैट सबसे उत्तम और लाभकारी माना गया है।

उत्तर-पश्चिम दिशा (North-West): इसे वायव्य कोण कहते हैं। यहां हल्के नीले या पीले रंग का डोरमैट लगाने से घर में खुशियों का माहौल बना रहता है और मानसिक तनाव दूर होता है।

अब कुछ छोटी लेकिन बहुत जरूरी बातें, जिन्हे अक्सर लोग भूल जाते हैं

  • डोरमैट रोज साफ करें। गंदा पायदान राहु-केतु के बुरे असर ले जिम्मेदार हो सकता है।
  • डोरमैट पर कभी भी ॐ, स्वास्तिक या किसी देवता की फोटो मत रखें। इससे आपके घर का वास्तु खराब हो सकता है।
  • अगर डोरमैट कहीं से फट गया है, तो बिना देर किए बदल दें। फटा पायदान आपके घर में दरिद्रता आने का कारण बन सकता है।
  • मुख्य दरवाजे पर गाढ़े काले रंग का पायदान कभी मत रखें, क्योंकि ये नेगेटिव एनर्जी को खींचता है।

एक आसान ट्रिक: अगर मुमकिन हो तो अपने डोरमैट के नीचे सेंधा नमक या कपूर की छोटी-सी पोटली छिपा दें। ये किसी भी तरह की बुरी नजर या नकारात्मकता को चुपचाप सोख लेता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।