2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Akshaya Tritiya 2026: सोना-चांदी खरीदने का महाशुभ दिन, 20 अप्रैल को बन रहे हैं धन-वृद्धि के कई योग

Akshaya Tritiya 2026 Date: इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व बेहद खास और शुभ संयोगों के साथ आ रहा है, जो धन और समृद्धि के नए द्वार खोल सकता है। 20 अप्रैल को मनाए जाने वाले इस पावन दिन पर कई दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिन्हें ज्योतिष में अत्यंत फलदायी माना जाता है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

MEGHA ROY

•

Updated: 11 Apr 2026, 2:34 PM IST

Akshaya Tritiya, Akshaya Tritiya 2024, Auspicious Yogas,

अक्षय तृतीया पर 1000 गुना फल देगा दुर्लभ योग| Freepik

Akshaya Tritiya 2026 Date:अक्षय तृतीया का पर्व इस वर्ष 20 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा और यह दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को दोपहर 1:01 बजे से होगी और समापन 20 अप्रैल को सुबह 10:39 बजे होगा। चूंकि उदया तिथि 20 अप्रैल को पड़ रही है, इसलिए मुख्य पूजा और शुभ कार्य इसी दिन किए जाएंगे। इस बार अक्षय तृतीया केवल परंपरा निभाने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में स्थायी सुख और समृद्धि लाने का विशेष मौका लेकर आ रही है।

शुभ योगों से बढ़ेगा दिन का प्रभाव

इस वर्ष अक्षय तृतीया पर कई दुर्लभ और प्रभावशाली योग बन रहे हैं, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। सौभाग्य योग, आयुष्मान योग, स्थिर योग और गृह योग जैसे संयोग जीवन में खुशहाली, स्वास्थ्य और स्थिरता का संकेत देते हैं। खास बात यह है कि सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में और चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेंगे, जिससे इस दिन का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। मान्यता है कि ऐसे संयोग में किए गए कार्य लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देते हैं।

त्रिपुष्कर और रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव

इस दिन त्रिपुष्कर योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसे अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग इसे और अधिक शुभ बना रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए कार्य बार-बार लाभ देने वाले होते हैं। गजकेसरी योग और मालव्य राजयोग जैसे शुभ योग भी इस पर्व को विशेष बना रहे हैं, जिससे ‘अक्षय फल’ की प्राप्ति होती है।

सोना-चांदी खरीदने की परंपरा

अक्षय तृतीया पर सोना और चांदी खरीदने की परंपरा सदियों पुरानी है। ‘अक्षय’ का अर्थ होता है कभी न समाप्त होने वाला, इसलिए इस दिन खरीदी गई वस्तुएं समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं। लोग इस दिन निवेश, नई संपत्ति या कीमती वस्तुएं खरीदना शुभ मानते हैं।

पूजा, दान और नई शुरुआत का महत्व

यह पर्व भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष रूप से समर्पित है। श्रद्धालु इस दिन दान, जप और तप करते हैं और नए कार्यों की शुरुआत करते हैं। चाहे नया व्यवसाय हो, घर खरीदना हो या विवाह, इस दिन की गई शुरुआत को स्थायी और शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीया न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन में नई उम्मीदों और अवसरों की शुरुआत का भी संदेश देता है।