धर्म और अध्यात्म

Shani Pradosh Vrat 2023: शनि देव को प्रसन्न करने 4 मार्च को तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि वाले जरूर कर लें ये काम

इस व्रत को करने से सुयोग्य संतान की प्राप्त होती है। शनि प्रदोष का व्रत एक तरफ शिव की अराधना के लिए तो खास है, वहीं शनिदेव की पूजा के लिए भी इस व्रत का विधान माना गया है। शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव शंकर की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन प्रदोष काल में शिवशंकर की पूजा के साथ शनिदेव के उपाय खासकर शनि की साढ़ेसाती, ढैया और महादशा से पीडि़त लोगों को करना ही चाहिए।
2 min read
Mar 02, 2023
shani_pradosh_vrat_par_shani_dev_ko_khush_karne_ke_upay.jpg

Shani Pradosh Vrat par Shani De Ko Khush Karne Ke Upay: हिन्दु कैलेंडर के अंतिम महीने फाल्गुन माह का दूसरा प्रदोष व्रत 4 मार्च शनिवार को मनाया जाएगा। शनिवार के दिन पडऩे के कारण यह शनि प्रदोष व्रत कहलाएगा। फाल्गुन के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। इस बार शनि प्रदोष व्रत पर तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ, मीन राशि से जुड़े लोगों को कुछ उपाय करने चाहिएं। इस बार शनि प्रदोष व्रत महाशिवरात्रि पर था। इस व्रत को करने से सुयोग्य संतान की प्राप्त होती है। शनि प्रदोष का व्रत एक तरफ शिव की अराधना के लिए तो खास है, वहीं शनिदेव की पूजा के लिए भी इस व्रत का विधान माना गया है। शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव शंकर की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इसलिए इस दिन प्रदोष काल में शिवशंकर की पूजा के साथ शनिदेव के उपाय खासकर शनि की साढ़ेसाती, ढैया और महादशा से पीडि़त लोगों को करनी ही चाहिए।

जानें तिथि और मुहूर्त
तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ, मीन राशि वाले इस दिन पीपल के पेड़ पर दीपक जलाएं और उसकी जड़ में जल अर्पित करें। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का 4 मार्च शनिवार की सुबह 11 बजकर 43 मिनट पर शुरू हुई और इस तिथि की समाप्ति अगले दिन 5 मार्च रविवार को दोपहर 2 बजकर 7 मिनट पर होगी। प्रदोष पूजा का मुहूर्त 4 मार्च को रहेगा। इसलिए शनि प्रदोष व्रत 4 मार्च को रखा जाएगा।

कर लें ये जरूरी काम
शनि प्रदोष व्रत पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिदेव को तेल अर्पित करें और विधि-विधान से शनिदेव की पूजा-अर्चना करें। इसके साथ ही दशरथ कृत शनि स्रोत का पाठ जरूर करें।

Updated on:
02 Mar 2023 04:25 pm
Published on:
02 Mar 2023 04:19 pm