51 साल के बाद इस बार विशेष संयोग बन रहा है।
नई दिल्ली। देशभर में आज धूमधाम से महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। हिंदू देवी-देवताओं में भगवान शिव शंकर सबसे लोकप्रिय देव हैं, उन्हें देवों के देव महादेव इसीलिए कहा जाता है इतना ही नहीं उन्हें असुरों के राजा के रूप में भी जाना जाता है असुर भी उनके उपासक हैं। आज भी दुनिया भर में हिंदू धर्म के मानने वालों के लिए भगवान शिव पूज्य हैं। जैसा की आप जानते हैं महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए खास महत्व रखता है। शिव भक्त इस दिवस के लिए साल भर से इंतजार करते हैं। इस दिन भोलेनाथ को प्रसन्न रखने के लिए भक्त व्रत और आराधना करते हैं ताकि उनकी मनोकामना पूरी हो सके। पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान शिव का माता पार्वती से विवाह होता है। आज महाशिवरात्रि पर 51 साल के बाद इस बार विशेष संयोग बन रहा है।
इनकी लोकप्रियता का कारण है इनकी सरलता। इनकी पूजा आराधना की विधि बहुत सरल मानी जाती है। माना जाता है कि शिव को यदि सच्चे मन से याद कर लिया जाये तो शिव प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी पूजा में भी ज्यादा ताम-झाम की जरुरत नहीं होती। ये केवल जलाभिषेक, बिल्वपत्रों को चढ़ाने और रात्रि भर इनका जागरण करने मात्र से मेहरबान हो जाते हैं। महाशिवरात्रि का त्योहार फाल्गुन मास की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस बार यह 14 फरवरी के बजाए ये 13 फरवरी को मनाई जा रही है। महाशिवरात्रि की पूजा का मुहूर्त 13 फरवरी को रात 10 बजे के बाद शुरू होगा जिसका पारण काल का मुहूर्त 14 फरवरी तक रहेगा।
आपको बता दें 13 फरवरी को मंगलवार पड़ रहा है और ऐसा संयोग 51 साल के बाद अब आया है। मंगलवार को महाशिवरात्रि का पर्व बहुत शुभ होता है क्योंकि मंगलवार का दिन हनुमान जी का होता है। भगवान शिव और हनुमानजी को एक ही रूप माना जाता हैं। ज्योतिष के अनुसार ऐसे संयोग से 2 राशियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है।
पहली राशि मेष राशि- इस महाशिवरात्रि इस संयोग का शुभ असर मेष राशि पर सबसे ज्यादा पड़ने वाला है। मेष राशि वालों को कई बेहतरीन अवसर मिलेंगे जिससे उनकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और धन की समस्या भी दूर होगी। और साथ ही साथ सभी काम आसानी से हो जाएंगे।
महाशिवरात्रि 13 फरवरी को है। मंगलवार की रात 10 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ होगा। 14 फरवरी की रात 12 बजकर 46 मिनट तक चतुर्दशी रहेगा।
दूसरी मीन राशि- इस राशि के जातकों को व्यापार और नौकरी में अपार सफलता मिलेगी। जातकों को हर जगह से सकारात्मक फल मिलेगा। बेरोजगारों को नई नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। कानूनी विवाद का निपटारा होगा। धन-धन्य में बढ़ोत्तरी होगी और पुरानी समस्याओं से निबटारा मिलेगा।
वैसे तो हर सप्ताह सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना का दिन माना जाता है। हर महीने में मा? शिवरात्रि ??रि मनाई जाती है लेकिन साल में शिवरात्रि का मुख्य पर्व जिसे व्यापक रुप से देश भर में मनाया जाता है दो बार आता है। एक फाल्गुन के महीने में तो दूसरा श्रावण मास में। फाल्गुन के महीने की शिवरात्रि को तो महाशिवरात्रि कहा जाता है। इसे फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु कावड़ में गंगाजल भी लेकर आते हैं जिससे भगवान शिव को स्नान करवाया जाता हैं।