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Mahashivratri Special: तो बोलो हर हर हर शिवाय, क्योंकि इसमें छिपा है कुछ खास

- यंग्स के प्रेरणास्रोत हैं शिव, उनके अनेक गुणों को करते हैं पसंद

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shivratri 2018: Shiva is Young's inspiration

shivratri 2018: Shiva is Young's inspiration

जबलपुर . वासंती बयार पूरी रवानगी से बह रही है, वैलेन्टाइन डे आ गया है और बारिश ने प्यार के इस मौसम को और खुशनुमा बना दिया है पर यंगस्टर्स तो मानी वीतरागी बन गए हैं, वे औघड़ बाबा भोलेनाथ की भक्ति में रमे हैं। युवा शिवमय हो गए हैं, प्रेम के पल शिवभक्ति में बीत रहे हैं। शिव प्रेम का महापर्व महाशिवरात्रि प्यार के वैलेन्टाइन डे पर भारी पड़ गया है।

शिव साक्ष्य है शिव आराध्य है, शिव ही जीवन है शिव ही प्रेरणास्रोत है, शिव ही प्रेम है शिव ही प्राप्ति है, शिव ही दिशा है शिव ही मार्ग है। बसंत का यह मौसम जहां प्रेम की अनुभूति करा रहा है, वहीं शिव की भक्ति युवाओं में ऊर्जा का संचार कर रही है। शिवरंग में रंगे युवाओं को आखिर उनका कौन सा रूप इतना लुभाता है? युवाओं का कहना है कि शिव का जीवन हमें बहुत प्रेरणा देता है। शिव पालक भी हैं और प्रलयंकारी भी। उनका जीवन न केवल एकाग्रता, ध्यान और सादे जीवन का संदेश देता है, बल्कि प्रेम भी सिखाता है। शहर के युवा महाशिवरात्रि पर सच्चा जीवनसाथी मिलने और जीवन में सही दिशा दिखाने की प्रार्थना कर रहे हैं।


शिव के गुणों से प्यार
सिटी यूथ को शिव जहां प्रेम की मिसाल नजर आते हैं, वहीं हर परिस्थितियों में गंभीर सोच के साथ विचार मंथन करने वाले भी लगते हैं। युवा अक्षत दवे, प्रियांक दीवान, पुनीत वर्मा, अरुण साहू, शुभाक्षी श्रीवास्तव, दीपल स्वर्णकार मिलकर महाशिवरात्रि की पूजा कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिव के तत्वों को जीवन में समाहित करना हर वैलेन्टाइन डे मनाने से ज्यादा बेहतर है। वे शिव को मानते हैं, जो उनके जीवन के मूलरूपों को भी फॉलो करने का काम करते हैं।


शिवाय की गूंज
डांस-म्यूजिक के बिना शादी होती है क्या? फिर तो महादेव के विवाह की बात है। यंगस्टर्स उछलकूद के बिना कैसे रह सकते हैं, सो हर कोई शिवाय के इस गीत पर झूम रहा है-

आग बहे तेरी राग में
तुझसा कहा कोई जाग में
है वक़्त का तू ही तो पहला पहर
तू आँख जो खोले तो ढाए कहर

तो बोलो हर हर हर
तो बोलो हर हर हर

आदि ना अंत है उसका
वो सबका ना इनका उनका
वही है माला वही है
मस्त मलांग वो अपनी धुन का

जंतर मंतर अंतर ज्ञानी
है सर्वागया स्वाभिमानी
मृत्युंजाया महा विनाश
ओंकार है इसी की वाणी
इसी की इसी की वाणी

भंग धतूरा भेल का पत्ता
तीनो लोक इसी की सत्ता
विष पीकर भी अडेक़ अमर है
महादेव हर हर है जप्ता

वही शून्या है वही इकाय
जिसके भीतर बसा शिवाय है
बोलो हर हर हर शिवाय......