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Vastu Tips For Home : वास्तु एक्सपर्ट से जानें आखिर कैसा होना चाहिए एक आदर्श घर

Experts Vastu Tips For Home पत्रिका.कॉम के इस लेख में वास्तु एक्सपर्ट पं. प्रदीप पांडे आपको बता रहे हैं वास्तु के मुताबिक एक आदर्श मकान कैसे तैयार किया जा सकता है। एक्सपर्ट की मानें तो एक आदर्श मकान का मेनगेट यानी मुख्य दरवाजा सिर्फ पूर्व या उत्तर दिशा में ही होना चाहिए। वहीं आपके घर का ढलान पूर्व, उत्तर या पूर्व-उत्तर (ईशान कोण) की ओर होना शुभ माना गया है। इस तरह वास्तु के मुताबिक घर के कमरे, किचन, हॉल, बाथरुम या फिर बेडरूम एक खास दिशा में हों, तो ही वे शुभ फलदायी होते हैं। यहां जानें किस दिशा में क्या होना चाहिए...

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Feb 23, 2023

Experts Vastu Tips For Home वास्तु शास्त्र में घर में कौन सी दिशा में क्या होना चाहिए, इसका स्पष्ट उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि घर में वास्तु का एक छोटा सा भी दोष न केवल कॅरियर, आर्थिक स्थिति बल्कि जीवन तक के लिए मुश्किलों का सफर तय करवा देता है। इसलिए वास्तु के आधार पर ही किसी भी भवन की नींव रखी जाती है। Experts Vastu Tips For Home पत्रिका.कॉम के इस लेख में वास्तु एक्सपर्ट पं. प्रदीप पांडे आपको बता रहे हैं वास्तु के मुताबिक एक आदर्श मकान कैसे तैयार किया जा सकता है। एक्सपर्ट की मानें तो एक आदर्श मकान का मेनगेट यानी मुख्य दरवाजा सिर्फ पूर्व या उत्तर दिशा में ही होना चाहिए। वहीं आपके घर का ढलान पूर्व, उत्तर या पूर्व-उत्तर (ईशान कोण) की ओर होना शुभ माना गया है। इस तरह वास्तु के मुताबिक घर के कमरे, किचन, हॉल, बाथरुम या फिर बेडरूम एक खास दिशा में हों, तो ही वे शुभ फलदायी होते हैं। यहां जानें किस दिशा में क्या होना चाहिए...


पूर्व दिशा

पूर्व दिशा सूर्योदय की दिशा है। इस दिशा से सकारात्मक और ऊर्जावान किरणें हमारे घर में प्रवेश करती हैं। यदि घर का मेन गेट या कहें कि मुख्य दरवाजा इस दिशा में है तो बहुत ही शुभ माना जाता है। यहां खिड़की भी रखी जा सकती है।

पश्चिम दिशा

इस दिशा में रसोईघर या टॉयलेट होना चाहिए। लेकिन यह भी ध्यान रखें कि रसोईघर और टॉयलेट पास-पास न हों।

उत्तर दिशा
इस दिशा में घर के सबसे ज्यादा खिड़की और दरवाजे होने चाहिएं। घर की बालकनी, वॉश बेसिन भी इसी दिशा में होने चाहिएं। यदि मुख्य दरवाजा इस दिशा में है तो यह भी श्रेष्ठ है।

दक्षिण दिशा
दक्षिण दिशा में किसी भी प्रकार का खुलापन या शौचालय नहीं होना चाहिए। घर में इस स्थान पर भारी सामान रखें। यदि इस दिशा में दरवाजा या खिड़की है तो घर में नेगेटिविटी आती है। ऑक्सीजन का लेवल गड़बड़ रहेगा। ऐसा होने से घर में वास्तु दोष आता है और क्लेश बढ़ाता है।

उत्तर-पूर्व दिशा
उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान दिशा भी कहते हैं। यह दिशा जल का स्थान है। इस दिशा में बोरिंग, स्वीमिंग पूल, पूजास्थल आदि हो तो अच्छा माना गया है। वहीं इस दिशा में भी घर का मुख्य दरवाजा होना बेहद शुभ माना गया है।

उत्तर-पश्चिम दिशा
उत्तर-पश्चिम की यह दिशा वायव्य दिशा भी कहलाती है। इस दिशा में बेडरूम, गैरेज, गौशाला आदि होने चाहिएं।

दक्षिण-पूर्व दिशा
दक्षिण-पूर्व दिशा को आग्नेय कोण भी कहा जाता है। यह अग्नि तत्व की दिशा है। इस दिशा में गैस, बॉयलर, ट्रांसफॉर्मर आदि हो तो अच्छ रहता है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा
दक्षिण-पश्चिम की इस दिशा को नैऋत्य दिशा भी कहा जाता है। इस दिशा में खुलापन अर्थात खिड़की, दरवाजे बिलकुल ही नहीं होना चाहिएं। घर के मुखिया का कमरा यहां बना सकते हैं। कैश काउंटर, मशीनें आदि आप इस दिशा में रखें तो यह लाभ देने वाली होती हैं।

घर का आंगन
घर में आंगन नहीं है तो इसके बिना घर अधूरा है। घर के आगे और पीछे छोटा ही सही, लेकिन आंगन होना चाहिए। आंगन में तुलसी, अनार, जामफल, मीठा या कड़वा नीम, आंवला आदि के अलावा सकारात्मक ऊर्जा देने वाले फूलदार पौधे लगाने से घर में पॉजीटिविटी का वास होता है और खुशियां आती हैं।

Updated on:
23 Feb 2023 06:07 pm
Published on:
23 Feb 2023 05:16 pm
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