सभी मां-बाप चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छे से पढ़लिखकर आगे बढ़े और जीवन में बेहतर प्रदर्शन करे। लेकिन यदि आपके बच्चे का बिल्कुल भी पढ़ाई में मन नहीं लगता और बार-बार याद किया हुआ भूल जाता है, तो ज्योतिष शास्त्र में बताए इन उपायों से सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
सभी मां-बाप की ख्वाहिश होती है कि उनके बच्चे अपने जीवन में तरक्की करें और पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे। लेकिन कई बार हर तरह की कोशिश करने के बावजूद बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लग पाता और बार-बार याद हुआ भी भूल जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसके पीछे का कारण घर या बच्चों के स्टडी रूम में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा का होना या ग्रहों का अशुभ भी हो सकता है। इससे बच्चे के मन-मस्तिष्क पर गलत प्रभाव पड़ने से वह पढ़ाई में ठीक से मन नहीं लगा पाता और एकाग्रता में भी कमी होने लगती है। ऐसे में ज्योतिष के इन उपायों से सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है...
केले के पेड़ में जल चढ़ाना
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर बार आपका बच्चा पढ़ाई करने से कतराता है तो गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की मंदिर जाकर उनके सामने घी का दीपक जलाएं और केले के पेड़ में जल अर्पित करें। इसके बाद घर आकर केले के पेड़ की मिट्टी का तिलक बच्चे के माथे पर लगाएं। इसी के साथ ही गुरुवार को धार्मिक पुस्तकों या पढ़ने की सामग्री जैसे कलम, पेन आदि का दान करना भी शुभ माना जाता है।
स्टडी टेबल उत्तर-पश्चिम कोने में रखें
बच्चों के स्टडी रूम में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा से भी कारण भी वह एकाग्र होकर पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। ऐसे में ध्यान रखें कि बच्चों का पढ़ाई का कमरा कभी भी गंदा ना हो और उसमें अनावश्यक सामान ना भरा हुआ हो। ज्योतिष अनुसार बच्चों की पढ़ाई की टेबल उत्तर-पश्चिम कोने में रखनी चाहिए और पढ़ते समय बच्चे का मुख पूर्व दिशा की ओर होना सही माना जाता है।
जेब में फिटकरी का टुकड़ा रखें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि आपका बच्चा याद की हुई चीजें बार-बार भूल जाता है तो बच्चे का दिमाग दौड़ाने और एकाग्रता में में वृद्धि के लिए एक छोटा सा फिटकरी का टुकड़ा बच्चे की जेब में रख दें। इसके अतिरिक्त अपने बच्चे को रोजाना 'ॐ' के उच्चारण की आदत डलवाएं। साथ ही प्रतिदिन बच्चे के माथे पर केसर का तिलक लगाने से भी बुद्धि का विकास होता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)
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