
कलश यात्रा (फोटो - पत्रिका)
चौमा गांव के सैनी मोहल्ले में स्थित शिव मंदिर पर सोमवार से भक्ति की बयार बहने लगी है। समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से यहां सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया गया है। सैनी शिव मंदिर विकास कमेटी के संरक्षक परम लाल सैनी और अध्यक्ष मुकेश सैनी ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन 8 जून से शुरू होकर 14 जून तक चलेगा।
इसके बाद 15 जून को पूरे विधि-विधान से हवन-पूजन करने के साथ एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। यह कथा रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सुनाई जाएगी।
कथा के पहले दिन कथावाचक पंडित लक्ष्मी नारायण भारद्वाज के सानिध्य में एक शानदार शोभायात्रा और कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में गांव की 251 महिलाएं पीले वस्त्र पहनकर और सिर पर मंगल कलश रखकर चल रही थीं। वहीं, पुरुष श्रद्धालु शिव पुराण पोथी को अपने सिर पर धारण कर पूरे आदर के साथ आगे बढ़ रहे थे।
पूरी कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगा रहे थे, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया। महिलाएं डीजे की धार्मिक धुनों पर नाचती-गाती और मंगल गीत गाती हुई आगे बढ़ रही थीं। यह शोभायात्रा कस्बे के सैनी शिव मंदिर से शुरू होकर गांव के मुख्य रास्तों से गुजरी, जहां ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर इसका जोरदार स्वागत किया।
इसके बाद यात्रा वापस शिव मंदिर कथा स्थल पहुँची, जहाँ श्रद्धालुओं ने पोथी का पूजन और महाआरती कर कथा की शुरुआत की। इस दौरान कोषाध्यक्ष बालकिशन सैनी, महाराज हरि सिंह सैनी, हरफूल सैनी, किरोड़ी राम सैनी सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।
कथा के पहले दिन व्यासपीठ से कथावाचक लक्ष्मी नारायण भारद्वाज ने भगवान कृष्ण की लीलाओं की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाते हुए कहा कि यदि मनुष्य अपने जीवन में धर्म के साथ सही कर्म को जोड़कर चलता है, तो वह दुनिया की किसी भी बुलंदी को छू सकता है।
उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में कहा, "आनंद एक ऐसा इत्र है जिसे आप जितना दूसरों पर छिड़केंगे, उतनी ही ज्यादा सुगंध आपके खुद के भीतर पैदा होगी।" उन्होंने आगे कहा कि संसार को समझने से पहले इंसान को खुद को जानना बहुत जरूरी है। इसके लिए हमें शरीर से आत्मा तक की यात्रा करनी होगी। जो इंसान खुद को नहीं जान सकता, वह भगवान शंकर को भी नहीं पहचान पाएगा, क्योंकि शिव का सीधा और सरल अर्थ ही 'कल्याण' है।
Updated on:
09 Jun 2026 03:26 pm
Published on:
09 Jun 2026 03:25 pm
