ज्योतिष शास्त्र: कुंडली में बृहस्पति ग्रह के संतुलित रहने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृध्दि बनी रहती है। साथ ही उसके ज्ञान प्राप्ति, वैवाहिक जीवन, संतान प्राप्ति और विवाह आदि में भी कोई विघ्न नहीं आता।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 9 ग्रहों में देवगुरु बृहस्पति को सबसे बड़ा और शुभ ग्रह माना गया है। कुंडली में बृहस्पति ग्रह के संतुलित रहने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृध्दि बनी रहती है। साथ ही उसके ज्ञान प्राप्ति, वैवाहिक जीवन, संतान प्राप्ति और विवाह आदि में भी कोई विघ्न नहीं आता। वहीं दूसरी ओर यदि कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर हो तो व्यक्ति घर के कलह-क्लेशों और रोगों से घिरा रहता है। तो आइए जानते हैं अपनी कुंडली में बृहस्पति यानी गुरु ग्रह को उच्च भाव में विराजमान रखने के लिए कौन से ज्योतिषीय उपाय फलदायी हो सकते हैं...
1. धन लाभ प्राप्ति हेतु उपाय
पीले रंग का संबंध गुरु ग्रह से होने के कारण गुरुवार के दिन नहाने के पानी में हल्दी डालकर स्नान करना शुभ माना जाता है।
भगवान बृहस्पति का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गुरुवार को भगवान विष्णु को पीला चंदन और केसर का तिलक लगाकर धूप दीप आदि से पूजा करें। साथ ही अपने भी पीला तिलक लगाएं।
इसके अलावा कुंडली में गुरु ग्रह को संतुलित रखने के लिए गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करके दीपक जलाना भी शुभ माना गया है। ऐसा करने वाले लोगों को जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती।
2. वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपके वैवाहिक जीवन पर बृहस्पति यानी गुरु ग्रह का खास प्रभाव होता है। ऐसे में वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाए रखने के गुरुवार के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की आराधना करना काफी फलदायी होता है। साथ ही आप गुरुवार के दिन व्रत भी रख सकते हैं।
3. क्लेश से मुक्ति पाने के उपाय
अगर आपके घर परिवार के सदस्यों के बीच अक्सर मनमुटाव बना रहता है तो इसके लिए भी गुरु ग्रह को प्रसन्न करना लाभकारी होता है। घर की कलह-क्लेश से मुक्ति पाने के लिए आप गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की फोटो को पीले रंग के कपड़े पर विराजित करें। और साथ ही तस्वीर पर पीला चंदन लगाकर पीले रंग का ही फूल अर्पित करें।