
कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष तब बनता है, जब केतु और राहु ग्रहों के बीच सभी ग्रह एक तरफ आ जाते हैं और दूसरी ओर सभी भाव खाली होते हैं। हालांकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प दोष हमेशा कष्टकारी नहीं होता है। केतु की ओर से बनने वाला कालसर्प योग अच्छा माना जाता है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति राहु की ओर से बनने वाला कालसर्प योग से पीड़ित है तो इन उपायों द्वारा इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है...
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कालसर्प दोष कम करने के लिए घर में कुत्ता पालना अच्छा माना जाता है। लेकिन यदि आप कुत्ता नहीं पाल सकते तो बाहर किसी कुत्ते को दूध-रोटी खिलाना या उसकी सेवा करना भी फलदायी होता है।
2. कालसर्प दोष के निवारण के लिए भगवान शिव की आराधना बहुत शुभ मानी जाती है। ऐसे में जल और दूध से रुद्राभिषेक करने के साथ ही 'ओम नमः शिवाय' और महामृत्युंजय मंत्र का जाप आपको सकारात्मक परिणाम दे सकता है।
3. चांदी से बना सर्प का जोड़ा सोमवार के दिन या फिर शिवरात्रि या नाग पंचमी के दिन शिवलिंग पर चढ़ाने से भी इस दोष के दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं।
4. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर बुधवार के दिन काले कपड़े में एक मुट्ठी उड़द या मूंग की दाल को बांधकर राहु मंत्र का जाप करें। फिर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दाल दान कर दें। 72 बुधवार तक इस उपाय को करने से कालसर्प दोष के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है।
5. इसके अलावा कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति नाग की पत्थर की मूर्ति बनवाकर उसकी किसी शिवालय में प्राण प्रतिष्ठा करवाए तो भी फायदे होते हैं।