Astro Tips: हिंदू धर्म में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि रोजाना झाड़ू से घर की साफ-सफाई करने से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुरानी झाड़ू को फेंकते समय इन बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
घरों में साफ-सफाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली झाड़ू हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती है। वहीं शास्त्रानुसार दिवाली के अवसर पर झाड़ू के पूजन के पूजन का भी विधान है। मान्यता है कि झाड़ू को पैर लगाने या उसका अपमान करने से जीवन में दरिद्रता पाती है। इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र में पुरानी झाड़ू को फेंकने के भी कुछ नियम बताए गए हैं। तो आइए जानते हैं जीवन में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए पुरानी झाड़ू करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए...
पुरानी झाड़ू फेंकते समय न करें ये गलती
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पुरानी झाड़ू को कभी भी गुरुवार, शुक्रवार या एकादशी के दिन नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि इससे मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में दरिद्रता का वास होता है।
झाड़ू में माता लक्ष्मी का वास होने के कारण इसे कभी भी ऐसी जगह ना फेंके जहां किसी के पैर उस पर पड़ें। इसके अलावा झाड़ू को कभी भी नाले में या किसी पेड़ के आसपास नहीं फेंकना चाहिए। इसे भी मां लक्ष्मी का अपमान माना जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भूलकर भी कभी पुरानी या टूटी हुई झाड़ू को जलाना नहीं चाहिए।
इस तरह से झाड़ू फेंकना माना जाता है सही
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि आप पुरानी झाड़ू को बैठना चाहते हैं तो इसके लिए शनिवार या अमावस्या का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इसके अलावा इस बात का ध्यान रखें कि पुरानी झाड़ू को छुपाकर ही घर से बाहर फेंकें।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)
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