Kalsarp Dosh Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब व्यक्ति की कुंडली में राहु-केतु ग्रहों के बीच सभी ग्रह आ जाएं तो इसे कालसर्प योग कहा जाता है। कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव से बचने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष हो तो उसे जीवन में शिक्षा, धन, परिवार करियर, सेहत आदि से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव से मुक्ति पाने के लिए भी कई उपाय बताए गए हैं...
1. शनिवार को बहते हुए जल में कोयला प्रवाहित करने से कालसर्प से होने वाली दिक्कतों को कम किया जा सकता है। इसके अलावा शनिवार के दिन मसूर की दाल और जटा वाला नारियल भी बहते हुए पानी में प्रवाहित करने से शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है।
2. कालसर्प दोष के कारण जातक को आए दिन जीवन में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सोमवार के दिन भगवान शिव के मंदिर जाकर जलाभिषेक करें और बेलपत्र अर्पित करें। इसके बाद भोलेनाथ के मंत्र 'ओम नमः शिवाय' का जाप सवा लाख बार करें।
3. मान्यता है कि जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है तो उसके विरोधी बढ़ जाते हैं तथा कई बार अपने भी धोखा दे जाते हैं। वहीं जातकों को कई शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए शनिवार के दिन तेल लगी हुई रोटी काले कुत्ते, गाय या कौवे को खिलाना शुभ माना जाता है।
4. कालसर्प दोष के कारण दांपत्य जीवन में भी तनाव बढ़ जाता है और पति-पत्नी के रिश्ते में दरार पैदा हो सकती है। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि पति पत्नी आपस में दोबारा शादी कर लें तो कालसर्प दोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
5. कालसर्प दोष निवारण उपायों में घर में किसी पवित्र स्थल पर मोरपंख रखना शुभ माना गया है। साथ ही इस मोरपंख से सुबह-शाम भगवान भोलेनाथ को पंखा करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)
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