माघ शुक्ल नवमी यानी महानंदा नवमी व्रत अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा से आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।
Mahananda Navami 2023 Date: महानंदा नवमी भरणी नक्षत्र में शुरू होगी। यह 29 जनवरी 2023 को सुबह 9.09 बजे से शुरू होकर 30 जनवरी 2023 को सुबह 10.14 बजे तक रहेगी। इस दिन माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा की जाती है।
Mahananda Navami Puja Vidhi: महानंदा नवमी को माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इस विधि से पूजा कर सकते हैं।
1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ सफाई करें।
2. इस दिन गंगा स्नान का बड़ा महत्व है। संभव हो तो गंगा स्नान करें, वर्ना पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
3.स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा स्थल पर पूजा करें।
4. माता की प्रतिमा के सामने प्रार्थना कर, श्रद्धापूर्वक अक्षत, अगरबत्ती, फूल, मिठाई आदि अर्पित करें।
5. लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और आरती करें।
6. पूजा में त्रुटि के लिए क्षमा मांगें।
महानंदा नवमी की कथा
महानंदा नवमी की कथा बहुत रोचक और प्रेरणादायी है। इसके मुताबिक किसी समय में एक साहूकार था, जिसकी बेटी बहुत धार्मिक थी। वह रोजाना पीपल के वृक्ष की पूजा करती थी। मान्यता है कि पीपल के पेड़ में माता लक्ष्मी का वास होता है। पूजा अर्चना के दौरान माता लक्ष्मी और साहूकार की बेटी में मित्रता हो गई। एक दिन मां लक्ष्मी साहूकार की बेटी को अपने घर ले गईं, बाद में उपहार देकर विदा किया। इस बीच माता ने पूछा कि तुम मुझे अपने घर कब बुला रही हो।
यह सुनकर साहूकार की बेटी उदास हो गई। वह सोचने लगी कि सखी का स्वागत कैसे करेगी। हालांकि उसने माता लक्ष्मी को न्योता दे दिया। इधर, साहूकार की बेटी ने अपनी उलझन पिता से बताई। इससे वह भी चिंतित हो गई। उसी समय एक कौए ने साहूकार के घर में हीरे का हार गिरा दिया। इस हार को बेचकर साहूकार ने माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए सोने से बनी चौकी खरीदी।
इधर, तय समय पर माता लक्ष्मी, गणेशजी के साथ साहूकार के घर पहुंची, यहां साहूकार ने दोनों का खूब स्वागत किया। इससे प्रसन्न होकर दोनों ने साहूकार और उसकी बेटी को आशीर्वाद दिया। बाद में साहूकार की तंगी दूर हो गई।