Mahashivratri 2022: वैसे तो भोलेबाबा को सफेद फूल काफी प्रिय हैं, लेकिन शास्त्रों में सफेद होने के बावजूद केतकी के फूल को शिवपूजा में वर्जित माना गया है। इसलिए शिवरात्रि के दिन अगर आपको मनचाहा फल प्राप्त करना है, तो शिवलिंग पर केतकी का पुष्प अर्पित न करें।
हिन्दू धर्म में शिवरात्रि एक बड़े पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भोलेनाथ के भक्तजन देवों के देव महादेव को प्रसन्न करने के लिए बहुत ही विधि-विधान से पूजा अर्चना करते हैं। यूं तो कहा जाता है कि शिवशंकर को खुश करना बड़ा ही आसान है। मन में सच्ची श्रद्धा लिए केवल फूल, धतूरे और भांग चढ़ाने से ही वे खुश हो जाते हैं और अपने भक्तों का हर दुख हर लेते हैं। लेकिन आपको ये भी बता दें कि आदियोगी को खुश करना जितना आसान है, आपके द्वारा पूजा में की गई छोटी सी गलती भी उन्हें नाराज कर सकती है। तो आइए जानते हैं उन गलतियों के बारे में, जिन्हें शिवरात्रि पर आपको भूलकर भी नहीं करना चाहिए। अन्यथा शिवजी की कृपा के स्थान पर आपको उनके प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है...
1. तुलसी का प्रयोग न करें:
तुलसी को शास्त्रों में यूं तो पवित्र और देवी के समान माना गया है। और घर में तुलसी का पौधा लगाना शुभ भी होता है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपको शिव पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं करना है। क्योंकि शास्त्रों के अनुरूप शिवलिंग पर तुलसी चढ़ाना वर्जित है।
2. इस समय शिव पूजा करना है गलत
वैसे तो विद्वानों के अनुसार मुख्य रूप से पूजा-पाठ का सही वक्त प्रातःकाल को ही माना गया है। हालांकि, कभी-कभी कामकाज के चक्कर में हमें थोड़ा विलंब हो सकता है। लेकिन शिवरात्रि पूजा में इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सुबह तड़के ही उठकर और स्नान आदि के बाद भोलेनाथ की पूजा कर लें। सुबह-सुबह जल्दी आराधना करने से शिवजी आप पर प्रसन्न होंगे।
3. गलती से भी इन पात्रों से न करें अभिषेक
शिवपूजा में शिवलिंग पर अभिषेक का एक खास महत्व होता है। परन्तु आदियोगी के भक्तजनों को ये बात पता होनी चाहिए कि शिवरात्रि के दिन या कभी भी शिव पूजा में अभिषेक के लिए प्लास्टिक या स्टील के लोटे का प्रयोग न करें। याद रखें कि आपको शिवलिंग पर चांदी, सोना अथवा कांसे के लोटे से ही अभिषेक करना चाहिए, इससे भोलेनाथ की विशेष कृपा आप पर बरसेगी।
4. पूजा में निषेध है ये फूल
वैसे तो भोलेबाबा को सफेद फूल काफी प्रिय हैं, लेकिन शास्त्रों में सफेद होने के बावजूद केतकी के फूल को शिवपूजा में वर्जित माना गया है। इसलिए शिवरात्रि के दिन अगर आपको मनचाहा फल प्राप्त करना है, तो शिवलिंग पर केतकी का पुष्प अर्पित न करें। वरना शिवजी गुस्सा हो सकते हैं।