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ओडिशा में सत्तारूढ़ दल बीजू जनता दल को एक बार फिर झटका लगा

बीजू जनता दल को एक बार फिर झटका लगा है। एक एक विधायक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। निमापारा से विधायक समीर रंजन दास रविवार को भाजपा में शामिल हो गए। इससे पहले बीजू जनता दल विधायक-परशुराम ढाडा, रमेश चंद्र साई, अरबिंद धाली, प्रेमानंद नायक और सिमरानी नायक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

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ओडिशा में सत्तारूढ़ दल बीजू जनता दल को एक बार फिर झटका लगा

निमापारा से विधायक समीर रंजन दास ने थामा भाजपा का दामन

बीजू जनता दल को एक बार फिर झटका लगा है। एक एक विधायक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। निमापारा से विधायक समीर रंजन दास रविवार को भाजपा में शामिल हो गए। इससे पहले बीजू जनता दल विधायक-परशुराम ढाडा, रमेश चंद्र साई, अरबिंद धाली, प्रेमानंद नायक और सिमरानी नायक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। दो निवर्तमान सांसदों- भर्तृहरि महताब और अनुभव मोहंती ने भी बीजू जनता दल से इस्तीफा दे दिया है।

टिकट नहीं मिलने से नाराज थे तीन बार के विधायक

भाजपा की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल, पार्टी के ओडिशा प्रभारी विजय पाल सिंह तोमर और अन्य नेताओं ने पार्टी मुख्यालय में दास का स्वागत किया। दास ने सुबह क्षेत्रीय दल से इस्तीफा दे दिया। तीन बार के विधायक 2024 विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का टिकट नहीं मिलने से नाराज थे।

नेतृत्व में विश्वास खोने के बाद उठाया कदम

दास ने संवाददाताओं से कहा कि बीजू जनता दल के नेतृत्व में विश्वास खोने के बाद मैं भाजपा में शामिल हो गया हूं। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि भाजपा उम्मीदवार प्रावती परिदा निमापारा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतें। दास ने बीजू जनता दल के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया, साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोडऩे के अपने फैसले से भी उन्हें अवगत कराया। एक वीडियो संदेश में दास ने कहा कि उन्होंने 2006 से बीजू जनता दल के लिए ईमानदारी से काम किया लेकिन अब लगता है कि नेतृत्व का उन पर से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि इसलिए मैंने आज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

स्कूल और जन शिक्षा मंत्री के रूप में भी काम किया

दास जगतसिंहपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले निमापारा विधानसभा क्षेत्र से बीजू जनता दल के टिकट पर 2009, 2014 और 2019 में तीन बार विधायक चुने गए। उन्होंने नवीन पटनायक के मंत्रिमंडल में स्कूल और जन शिक्षा मंत्री के रूप में भी काम किया। क्षेत्रीय पार्टी ने हालांकि इस बार उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया और दिलीप नायक को उम्मीदवार बनाया, जो हाल में भाजपा से आए थे।

Published on:
19 May 2024 04:53 pm
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