sawan somwar : सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहते हैं। इस बार सावन का प्रदोष व्रत, सावन के दूसरे सोमवार यानी 29 जुलाई को है।
सावन महीना ( sawan month ) में भगवान शिव ( Lord Shiva ) की पूजा का महत्ता है। सावन सोमवार ( sawan somwar ) का विशेष महत्व है। सावन का दूसरा सोमवार 29 जुलाई को है। इस दिन खास संयोग पड़ रहा है। इसी दिन प्रदोष ( pradosh vrat ) भी पड़ रहा है।
दरअसल, सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहते हैं। इस बार सावन का प्रदोष व्रत, सावन के दूसरे सोमवार यानी 29 जुलाई को है।
प्रदोष व्रत का महत्व
प्रदोष व्रत वैसे तो सभी लोगों के लिए फलदायी होता है लेकिन जिन लोगों का मन हमेशा बेचैन और चंचल होता है, उनके लिए विशोष फलदायी होता है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने वाले लोगों को जीवन में कभी भी हार का सामना नहीं करना पड़ता है।
प्रदोष व्रत विधि
प्रदोष काल, उस समय को कहते हैं जब सूर्यास्त हो गया हो लेकिन अभी रात नहीं आई हो। इसका अर्थ ये हुआ है कि सूर्यास्त और रात होने से पहले के बीच जो अवधि होती है, उसे प्रदोष काल कहा जाता है। इस अवधि के दौरान भगवान शिव की विधिवत पूजा की जाती है।
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