मंत्रालयिक कर्मचारियों ने तीसरे दिन गुरुवार को कलक्ट्रेट के बाहर अर्द्धनग्न प्रदर्शन कर अपनी मांगों की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करते
भीलवाड़ा।
चार दिन के सामूहिक अवकाश पर गए मंत्रालयिक कर्मचारियों ने तीसरे दिन गुरुवार को कलक्ट्रेट के बाहर अर्द्धनग्न प्रदर्शन कर अपनी मांगों की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के बैनरतले इस प्रदर्शन में विभिन्न विभागों के मंत्रालयिक कर्मचारी शामिल हुए। महासंघ के जिलाध्यक्ष गोपालस्वरूप वैष्णव के नेतृत्व में कुछ कर्मचारी बनियान में रहे तो कुछ ने शर्ट के साथ बनियान भी उतार दी।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए एवं तीन सूत्रीय मांग पत्र स्वीकारने की मांग की। प्रदर्शन के लिए कर्मचारी मुखर्जी उद्यान से रैली के रूप में कलक्ट्रेट गेट तक पहुंचे। महासंघ के जिला संरक्षक अशोक व्यास,जिला मंत्री रफीक मोहम्मद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशुतोष आचार्य आदि ने सम्बोधित किया। उपखण्ड कार्यालय, तहसील कार्यालय, पंचायतरराज, रसद, जल संसाधन, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, कृषि, नगर परिषद, जलदाय, महिला एवं बाल विकास विभाग, परिवहन विभाग आदि के कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। महासंघ प्रवक्ता शोभालाल तेली ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 11 बजे सूचना केन्द्र से कलक्ट्रेट तक रैली निकाली जाएगी।
तीसरे दिन भी सूने रहे दफ्तर
कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश के चलते तीसरे दिन भी कलक्ट्रेट व अधिकतर महकमों के कार्यालय सूने रहे। कर्मचारियों के अवकाश पर रहने से अधिकारी भी किसी मामले में फाइलें आगे नहीं बढा पाए।
दो दिन में एक भी नहीं बने लाइसेंस
जिला परिवहन कार्यालय का पिछले दो दिनों में जबर्दस्त काम प्रभावित हुआ है। दो दिनों में एक भी लाइसेंस नहीं बन पाया। ना ही वाहनों का रजिस्टे्रशन और अन्य कार्य हुआ। कार्यालय में पांच कर्मचारी समूहिक अवकाश है। हालांकि गुरुवार को चार सूचना सहायकों के काम संभाल लेने से कार्य सुचारू रूप से शुरू हुआ। लाइसेंस बनाने व रसीदें काटने समेत कई कार्य सूचना सहायकों ने निपटाए। कर्मचारियों के अवकाश पर समझ कर कर जमा कराने लोग नहीं आ रहे। इससे वाहनों के बकाया कर समेत अन्य राजस्व वसूली अटक गई है।
नए विकास कार्य स्वीकृत
जिला परिषद जिला परिषद के 30 कर्मचारी अवकाश पर है। नए विकास कार्य स्वीकृत नहीं हो रहे है। विधायक व सांसद कोष की स्वीकृति जारी नहीं हो रही है। पंचायती राज स्तर पर 300 कर्मचारी अवकाश पर है। पंचायत स्तर पर जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन रहे है। मनरेगा से जुड़े काम नहीं हो रहे है। सभी फाइले एक टेबल पर आकर अटक गई है। चेक नहीं कट पा रहे है।
ऑन लाइन ऋण आवेदन स्वीकृत नहीं
जिला उद्योग केन्द्र के पांच कर्मचारी अवकाश पर है। फर्म रजिस्ट्रेशन का काम नहीं हो रहा है। ऑन लाइन ऋण आवेदन स्वीकृत नहीं हो पा रहे है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मामलों की फाइलों की संख्या बढ़ रही है। अन्य तरह काम-काज नहीं हो रहा है। हालांकि कर्मचारी के काम पर लौटने पर यह सभी काम होंगे लेकिन काम का भार बढ़ता जा रहा है।