Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली की अनामिका उंगली के नीचे का क्षेत्र सूर्य पर्वत कहलाता है। मान्यता है कि यदि सूर्य पर्वत विकसित हो और इस पर कुछ खास चिन्ह हों तो ऐसे लोगों को जीवन में सभी सुख प्राप्त होते हैं।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की हथेली में रेखाओं के अलावा पर्वत और निशानों का भी बड़ा महत्व होता है। इनके आधार पर जातक के जीवन के बारे में कई महत्वपूर्ण बातों को जाना जा सकता है। आज हम आपको सूर्य पर्वत के खास निशानों के बारे में बताने जा रहे हैं...
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की हथेली में सूर्य पर्वत अनामिका उंगली के नीचे का भाग होता है। कहा जाता है कि यदि हाथ में सूर्य पर्वत विकसित हो तो ऐसे लोग हर क्षेत्र में सफलता हासिल करते हैं।
हथेली में बुध पर्वत कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली के नीचे होता है। अगर सूर्य पर्वत से कोई शाखा निकलकर बुध पर्वत तक जाती है और अंग्रेजी के अक्षर वाई (Y) का चिन्ह बनाती है तो ऐसे लोगों को व्यापार में खूब तरक्की मिलती है।
मस्तिष्क रेखा हथेली के बीच में एक सीधी रेखा होती है। यह रेखा व्यक्ति के बुद्धि, विवेक और मनोभाव को दर्शाती है। ऐसे में जिन लोगों की हथेली में सूर्य रेखा से एक शाखा निकलकर मस्तिष्क रेखा पर मिल जाए तो ऐसे लोग जीवन में अपने दम पर सफलता हासिल करते हैं।
हस्तरेखा ज्ञान के आधार पर यदि किसी व्यक्ति की हथेली में सूर्य रेखा तीन भागों में विभाजित होकर त्रिशूल जैसा चिन्ह बनाती है तो ऐसे लोगों को जीवन में बड़ा पद प्राप्त होता है। इन लोगों का समाज में मान-सम्मान होता है और धन कमाने के मामले में भी भाग्य इनका साथ देता है।
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