Auspicious Signs: अगर कभी किसी व्यक्ति के मंदिर में से जूते-चप्पल चोरी हों जाएं तो वह बहुत परेशान हो जाता है और जूते चुराने वाले को कोसने लगता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंदिर में से जूते-चप्पल चोरी होना शुभ माना गया है।
हम में से बहुत से लोगों के साथ कभी ना कभी ऐसा हुआ होगा कि आप मंदिर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारकर दर्शन करने गए हों और वापस आने पर आपके जूते-चप्पल वहां से चोरी हो गए। इस बात से हम मन ही मन बहुत परेशान होते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसे एक शुभ शकुन माना गया है। जी हां, यदि शनिवार के दिन आपके मंदिर में से जूते-चप्पल चोरी हो जाएं तो यह आपके जीवन में एक अच्छे परिवर्तन की ओर इशारा करता है। तो आइए जानते हैं शनिवार के दिन मंदिर में से आपके जूते-चप्पल गायब होने के पीछे क्या है मान्यता...
शनिवार के दिन मंदिर में से जूते-चप्पल चोरी होना क्यों माना जाता है शुभ?
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मान्यता है कि पैरों में शनि का वास होता है इसलिए चमड़े के जूते-चप्पल का संबंध भी शनि ग्रह से माना गया है। वहीं कहा जाता है कि शनिवार के दिन जूते-चप्पल दान करने से कुंडली में शनि ग्रह को मजबूती मिलती है। कई लोग तो इसी कारण अपने जूते+चप्पल जानकर शनिवार के दिन मंदिरों में छोड़कर आ जाते हैं। ताकि शनिदेव की कृपा उन पर बनी रहे।
2. मान्यता है कि यदि कुंडली में शनि की स्थिति अशुभ हो तो व्यक्ति को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है और बनते काम भी बिगड़ जाते हैं। इसलिए यदि आपके शनिवार के दिन मंदिर में से जूते-चप्पल चोरी हो जाते हैं तो समझ लीजिए कि आपको अपने कार्यों में सफलता मिलने वाली है। साथ ही आपकी जीवन के अन्य कष्ट भी दूर होने वाले हैं।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)
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