ज्योतिष शास्त्र: यह पीले रंग का मूल्यवान रत्न व्यक्ति की कार्य क्षमता में बढ़ोतरी करने, व्यापार या नौकरी में तरक्की दिलाने और धन लाभ के लिए बहुत लाभप्रद माना जाता है। अगर ये किसी व्यक्ति को एक बार सूट हो जाए, तो उसके जीवन में कई परेशानियों का हल हो सकता है।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों से संबंधित रत्नों को धारण करने से आपके जीवन की कई विपत्तियां हल हो सकती हैं। बृहस्पति ग्रह से संबंधित पुखराज रत्न के बारे में कहा जाता है कि चमकदार, पारदर्शी और पीले रंग का ये रत्न अगर किसी व्यक्ति को एक बार सूट हो जाता है तो उसके जीवन में कई महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। तो आइए जानते हैं पुखराज रत्न को धारण करने का तरीका और किन लोगों को इसे धारण करने से फायदे मिलते हैं...
किन लोगों को पहनना चाहिए पुखराज रत्न
ज्योतिष शास्त्र में पुखराज रत्न को ज्ञान, समृद्धि, भाग्य और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह शुभ स्थिति में पाया जाता है उनके लिए पुखराज धारण करना फलदायी माना जाता है। ऐसे में मेष राशि, वृषभ, मिथुन, कर्क राशि, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों के पुखराज धारण करना फायदेमंद माना गया है।
पुखराज रत्न पहनने करने की विधि
बिना ज्योतिषीय सलाह और गलत विधि से रत्नों को धारण करने से व्यक्ति के जीवन में परेशानियां और बढ़ जाती हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बृहस्पति ग्रह से संबंधित होने के कारण गुरुवार को ही पुखराज धारण करने की सलाह दी जाती है। साथ ही सुबह 10 बजे तक इसे पहनना शुभ माना जाता है।
इसके लिए आप पुखराज रत्न को पहनने से पहले गुरुवार के दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। उसके बाद एक कटोरी में गंगाजल, शहद, चीनी और दूध के मिश्रण में इस रत्न की अंगूठी को डाल दें। इसके बाद ॐ ब्रह्म बृहस्पते नमः मंत्र की एक माला का जाप करके गंगाजल और दूध के मिश्रण में से पुखराज रत्न की अंगूठी को निकालकर भगवान विष्णु के चरणों में स्पर्श कराएं। फिर इसे हाथ की तर्जनी उंगली में धारण कर लें। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सोने या चांदी की अंगूठी में पुखराज रत्न को जड़वा कर पहनना अच्छा होता है।