
Sleeping Direction According To Vastu: शरीर के स्वस्थ रहने के लिए जितना शारीरिक रूप से सक्रिय रहना जरूरी है, उतना ही नींद लेना भी आवश्यक है। पर्याप्त आराम करने और नींद लेने से व्यक्ति ऊर्जावान महसूस करता है। लेकिन अगर आपकी नींद ठीक से पूरी ना हो या उस में खलल पड़ जाए तो पूरा दिन काम में मन नहीं लगता। वहीं कई बार कोई बुरा सपना देख लेने पर हम अचानक से उठकर खड़े हो जाते हैं और बेचैनी महसूस करते हैं। वास्तु के अनुसार गलत दिशा में या गलत तरीके से सोने से भी व्यक्ति चैन की नींद नहीं सो पाता। साथ ही उसके स्वास्थ्य पर भी गलत असर पड़ता है और जीवन में नकारात्मकता फैलने लगती है। तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार सोने के सही नियम...
1. वास्तु के अनुसार उत्तर दिशा में सिर और दक्षिण दिशा में पैर करके सोने से बुरे सपने आते हैं और साथ ही व्यक्ति का मन भी बेचैन रहता है क्योंकि इसे यमलोक की दशा माना गया है। वहीं इस दिशा में सोने से व्यक्ति को उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है।
2. ध्यान रखें कि कभी भी पश्चिम दिशा में सिर और पूर्व दिशा में पैर करके ना सोएं क्योंकि पूर्व दिशा को देवी-देवताओं की दशा माना जाता है। इसलिए वास्तु के अनुसार इस दिशा में सोने से भी जीवन में परेशानी आती हैं।
3. वास्तु शास्त्र के मुताबिक दरवाजे के ठीक सामने सोना भी गलत माना गया है। माना जाता है कि मृत्यु के पश्चात व्यक्ति के शव को भी दरवाजे पर ही रखा जाता है इसलिए दरवाजे के ठीक सामने सोना सही नहीं होता।
4. सोने के लिए सबसे आदर्श दिशा पूर्व अथवा दक्षिण दिशा को माना गया है। यानी वास्तु के हिसाब से पूर्व या दक्षिण दिशा की तरफ सिर करके सोना आपके स्वास्थ्य और मानसिक शांति दोनों के लिए सही रहता है।
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