MBBS Student प्रथम वर्ष उत्तीर्ण कर चुके प्रदेश के आठ जिलों के 250 से अधिक मेडिकल छात्रों ने सोमवार को चिकित्सा शिक्षा भवन (सेठी कॉलोनी) के...
MBBS Student प्रथम वर्ष उत्तीर्ण कर चुके प्रदेश के आठ जिलों के 250 से अधिक मेडिकल छात्रों ने सोमवार को चिकित्सा शिक्षा भवन (सेठी कॉलोनी) के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मेडिकल शिक्षा प्रणाली के खिलाफ नारेबाजी के साथ ही भवन के अतिरिक्त निदेशक को ज्ञापन दिया। आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष की पूरक परीक्षा पास करने के बावजूद उन्हें 15 फरवरी से होने वाली द्वितीय वर्ष की परीक्षा में नहीं बैठने दिया जा रहा।
नियमित छात्रों के अलावा पूरक परीक्षा में पास होने वाले छात्रों को रिमांड बैच में रखा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि इस संबंध में कई बार ज्ञापन दिए गए, हर बार आरयूएचएस से आश्वासन ही मिला। जानकारी के मुताबिक राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंस (आरयूएचएस ) ने छात्रों को पूर्व में सूचित कर दिया था। छात्रों की माने तो आरयूएचएस ने स्पष्ट किया था कि पूरक होने की स्थिति में अतिरिक्त कक्षाओं से उनकी भरपाई की जाएगी। इसके लिए राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों मेें अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई गईं। नियमित छात्रों के साथ परीक्षा दिलवाने के लिए यूनिवर्सिटी ने पूरक छात्रों से भी परीक्षा फॉर्म भरवा लिए। अब एसएमएस मेडिकल कॉलेज सहित राज्य के अलग-अलग कॉलेजों ने उक्त फॉर्म भेजने से स्पष्ट मना कर दिया। दरअसल, पूरक होने की स्थिति में दोबारा परीक्षा में नहीं बैठने का यह मामला राजस्थान के अलावा अन्य प्रदेशों में नहीं है ।
प्राचार्य के अनुसार मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया(एमसीआई) के नियमों के मुताबिक पूरक छात्रों को डेढ़ साल के बाद आगामी परीक्षा में बैठने दिया जाता है। तीन मार्च, 17 को छात्रों के प्रथम वर्ष का परिणाम घोषित हुआ था। अभी 18 महीने होने में वक्त है। हाईकोर्ट ने भी ऐसे किसी मामले में छात्रों की सुनवाई रोक दी थी। एमसीआई के खिलाफ काम नहीं कर सकते।