फील्ड में काम के लिए थानों में नहीं बचे थे कर्मचारी, अपराधों की रोकथाम में मिलेगी मदद
रीवा। पुलिस थानों में मैदानी स्टाफ की पदस्थापना की गई है। आधा सैकड़ा से अधिक नव आरक्षकों को अलग-अलग थानों में भेजा गया है। इससे बल की समस्या काफी हद तक दूर होगी और अपराधों की रोकथाम में भी पुलिस को मदद मिलेगी। अधिकांश थानों में बल की समस्या थी।
थानों में आरक्षकों की समस्या
आरक्षकों को कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बनाए जाने के बाद यह समस्या बढ़ गई थी और फील्ड में काम करने के लिए थानों में कर्मचारी बड़ी मुश्किल से मिल पाते थे। यहां तक कि डायल 100, चीता मोबाइल, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में भी परेशानियां हो रही थी। उक्त समस्या अब काफी हद तक हल हो जायेगी। पुलिस थानों में करीब 74 नव आरक्षकों की पदस्थापना की गई है। तीन से पांच की संख्या में आरक्षकों को अलग-अलग थानों में भेजा गया है।
विभिन्न थानों में हुई पदस्थापना
इनके पहुंचने के बाद अब बल की समस्या पर काफी हद तक दूर हो जायेगी। थाना क्षेत्रों में गश्त, बीट ड्यूटी, अपराधियों की धरपकड़, नशा कारोबार पर अंकुश जैसे कार्यों में भी मदद मिलेगी। पहले से बल की समस्या से जूझ रहे थानों को अब नयी पदस्थापना ने राहत पहुंचाई है।
इन थानों में भेजे गए नव आरक्षक
नव आरक्षकों को सभी थानों में भेजा गया है। डभौरा थाना 3, सेमरिया, गुढ़, 3, समान 2, चाकघाट 3, अतरैला 4, जनेह 4, सोहागी 4, सिरमौर 4, बैकुंठपुर 3, अमहिया, विवि में 4-4, मनगवां 3, चोरहटा 3, बिछिया 3, सिविल लाइन 2, पनवार 2, गढ़ 2, रायपुर कर्चुलियान 4, जवा 3, गोविन्दगढ़ 4, सगरा व कोतवाली 3-3 शामिल है। उक्त सभी थानों में आरक्षकों की काफी कमी थी जिस पर अधिकारियों ने यहां पर पदस्थाना की है।
आरक्षकों की विभाग में है सर्वाधिक कमी
पुलिस विभाग में आरक्षकों की काफी किल्लत है। यह किल्लत आरक्षकों के प्रमोशन के बाद काफी बढ़ गई है। स्वीकृत बल का लगभग आधा स्टाफ पदस्थ है। आरक्षकों की की कमी लगभग सभी थानों में है। यातायात थाने में आरक्षक से ज्यादा प्रधान आरक्षकों की पदस्थापना है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव सूचना संकलन सहित फील्ड में अपराधियों पर निगरानी, गश्त जैसे कामों में पड़ता है।
बल की समस्या होगी दूर
नव आरक्षकों की थानों में पदस्थापना की गई है। थानों में आवश्यकतानुसार बल की पदस्थापना की गई है जिससे कानून और व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त रखने में मदद मिलेगी। जिन थानों में अभी समस्या है उसको भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
अनिल सोनकर, एएसपी रीवा