आरएसएस से जुड़ा संगठन ही आया बीजेपी सरकार के विरोध में...
रीवा। आरएसएस से जुड़ा छात्र संगठन ही भाजपा सरकार के विरोध में उतर आया है। छात्रों के साथ संगठन कंधे से कंधा मिला कर चल रहा है। स्थिति यह है कि छात्रों का विरोध शासन स्तर तक खलबली मचा रहा है। बात अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार को भी जमकर कोसा
छात्र सुविधाओं को लेकर संगठन के कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से पॉलिटेक्निक कॉलेज में धरना प्रदर्शन पर उतर आए हैं। छात्रों को सुविधा मुहैया कराने के लिए छात्रों के साथ संगठन के कार्यकर्ता भी कॉलेज प्रशासन से लेकर शासन स्तर के अधिकारियों तक को कोस रहे हैं। छात्रों की समस्या के मद्देनजर प्रदेश सरकार की लापरवाही को भी जमकर कोसा जा रहा है।
कॉलेज में किया सद्बुद्धि यज्ञ
पिछले कई दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कॉलेज परिसर में सद्बुद्धि यज्ञ कर ईश्वर से प्रार्थना किया कि वह अधिकारियों को सद्बुद्धि प्रदान करें। जिससे वह छात्रों की समस्या का समाधान करने में रूचि लें। संगठन कार्यकर्ताओं ने छात्रों के आरोप समर्थन करते हुए कहा कि पॉलिटेक्निक में छात्र समस्याओं को लेकर न ही कॉलेज प्रशासन रूचि ले रहा है और न ही सरकार के अधिकारी।
कॉलेज में प्रयोगशाला तक उपलब्ध नहीं
पॉलिटेक्निक में छात्र असुविधाओं का आलम यह है कि वहां छात्रों को प्रयोगशाला तक मुहैया नहीं है। इसी का नतीजा है कि अभी हाल में घोषित सेमेस्टर परीक्षा में कॉलेज के 90 फीसदी छात्र अनुत्तीर्ण हो गए हैं। कॉलेज प्रशासन छात्रों के अनुत्तीर्ण की स्थिति पर चुप्पी साधे हुए है। यही छात्रों के आक्रोश का कारण है।
कार्यकर्ताओं में यह रहे शामिल
छात्रों ने सद्बुद्धि यज्ञ और धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्टर व प्राचार्य को सौंपा है। ज्ञापन सौंपने वालों में विवेक पाण्डेय, महेश प्रसाद, दीपाली शुक्ला, वेदवती तिवारी, रोहित सिंह, पूर्णिमा पाण्डेय, मृत्युंजय मिश्रा, भास्कर मिश्रा, अतिथि सिंह, अंकित तिवारी, हिमांशु मिश्रा, अमित तिवारी, विवेक मिश्रा, प्रिंस पाठक, शिवेश सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
एपीएस में भी पुनर्मूल्यांकन की मांग
एबीवीपी ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में भी धरना प्रदर्शन कर उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। मांग को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति के चेंबर में घुस कर प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि बीएससी पांचवें सेमेस्टर में कई महाविद्यालयों के छात्र रसायन विषय में भारी संख्या में अनुत्तीर्ण हुए हैं। इसे मूल्यांकन में गड़बड़ी का नतीजा माना जा रहा है।