
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाने करने की योजना बना रखे उन छात्रों की हसरत फिलहाल पूरी नहीं होगी, जो एलायड विषय के छात्र हैं। छात्रों के तमाम कोशिशों के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी प्रवेश के लिए जारी नोटिफिकेशन में एलायड विषयों को शामिल करने से इनकार कर दिया है।
नोटिफिकेशन में एलायड विषय शामिल नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किए गए नोटिफिकेशन में एलायड विषय शामिल नहीं होने से परेशान छात्रों ने पूर्व की तरह इस बार भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की थी। लेकिन विश्वविद्यालय अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं हैं। अधिकारी यूजीसी की गाइड लाइन का हवाला दे रहे हैं।
प्रोफेसर अपने विषय में करा सकेंगे शोध
विश्वविद्यालय अधिकारियों का कहना है कि यूजीसी की नई गाइडलाइन के तहत प्रोफेसर केवल अपने विषयों में ही छात्रों को शोध करा सकेंगे। एलायड विषयों में शोध कराने की पात्रता दूसरे विषय के प्रोफेसर को नहीं होगी। पूर्व में मूल विषय के प्रोफेसर ही एलायड विषयों के छात्रों को शोध कराते रहे हैं। लेकिन इस बार ऐसा संभव नहीं दिख रहा है।
एलायड विषयों में प्रोफेसर ही नहीं
विश्वविद्यालय अधिकारियों के मुताबिक एलायड विषयों में विश्वविद्यालय व इससे संबद्ध महाविद्यालयों में प्रोफेसर (गाइड) ही नहीं हैं। प्रोफेसर नहीं होने की स्थिति में न ही सीट बनती है और न ही विषयों को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल करने मतलब होता है। इसी तर्क के साथ विश्वविद्यालय अधिकारियों ने पीएचडी प्रवेश के लिए जारी नोटिफिकेशन में एलायड विषयों को शामिल नहीं किया है।
27 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन
विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र 27 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया चार जून से शुरू है। 28 जुलाई तक हॉर्डकॉपी विश्वविद्यालय में जमा करना है। 29 जुलाई को पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।