रीवा

अब ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की तैयारी, आर्मी चीफ ने दी पाकिस्तान को चेतावनी

Army Chief General Upendra Dwivedi: भारतीय सेना में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को अपने गृह क्षेत्र रीवा पहुंचे।

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Oct 31, 2025

Army Chief General Upendra Dwivedi: आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को अपने गृह क्षेत्र मध्यप्रदेश के रीवा पहुंचे। एयरपोर्ट पर एक संत ने उनका तिलक किया, जिसके बाद पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से वह कड़ी सुरक्षा के बीच सैनिक स्कूल के लिए रवाना हुए। उनके आगमन को देखते हुए शहर में पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे, और जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा।

ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यहां पर आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, जब हमें उचित लगेगा तब समाप्त करेंगे। ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी है।

बेहद भावुक महसूस कर रहा हूं- जनरल उपेंद्र द्विवेदी

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि मैं इस समय बेहद भावुक महसूस कर रहा हूं। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस मातृभूमि में मेरा जन्म हुआ, वहां से लेकर आज यहां तक का सफर बेहद शानदार और रोमांचक रहा है। रीवा को लेकर उन्होंने कहा कि इस धरती ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। मैं लंबे समय से इस जगह पर आना चाहता था, इस धरती को छूना चाहता था और फिर उसका आशीर्वाद लेना चाहता था। मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता था। जो मेरे जीवन का अभिन्न अंग रहे हैं, जो मेरे आदर्श रहे हैं, जिन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया और मुझे दिशा प्रदान की है।

'सैनिक स्कूल आना बहुत गौरवशाली क्षण'

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सैनिक स्कूल में दोबारा लौट कर आना मेरे लिए बहुत गौरवशाली क्षण है। जिसने मेरे पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन की नींव रखी है। सुबह की फिजिकल ट्रेनिंग से लेकर कक्षाओं में पाठन, खेल के मैदान में चुनौतियों से लेकर हॉस्टल में आपसी सहयोग तक हर उस कार्य ने मुझे एक सैनिक और ऐसे नागरिक के रूप में आकार दिया है, जो राष्ट्र सेवा के लिए प्रतिबद्ध हो।

एक ही स्कूल के नेवी चीफ और आर्मी चीफ

आपको बता दें कि आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी और नेवी चीफ दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों एक ही स्कूल से पढ़े हैं। दोनों स्कूल के समय से ही अच्छे दोस्त रहे हैं। दोनों ने 1973 से 1981 तक सैनिक स्कूल में पढ़ाई की। बताया जाता है कि दोनों एक बेंच पर बैठते थे। अब भारत की सुरक्षा में भी दोनों भाई अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

Updated on:
31 Oct 2025 08:13 pm
Published on:
31 Oct 2025 07:45 pm
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