स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, विभागीय रिपोर्ट में 21 हजार लक्ष्य के सापेक्ष केवल 41 नसबंदी आपेरशन
रीवा। सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का जिले में बुरा हाल है। दस्तक अभियान में जहां 87 फीसदी बच्चों की स्क्रीनिंग नहीं की गई वहीं प्रेरणा अभियान में भी जिले की स्थिति शर्मसार करने वाली है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले में 21 हजार नसबंदी ऑपरेशन करने का लक्ष्य दिया गया है जिसके सापेक्ष नौ जुलाई तक केवल 41 नसबंदी ऑपरेशन ही हो सके हैं। अर्थात 0.2 फीसदी से भी कम। मामले में जिले के छह ब्लॉक शून्य की स्थिति में हैं। जिसमें रायपुर कर्चुलियान, सिरमौर, त्योंथर, मऊगंज,हनुमना और नईगढ़ी शामिल हैं। यहां पर साढ़े तीन माह में एक भी नसबंदी नहीं की गई जबकि गोविंदगढ में 8, जवा में 2 और गंगेव में 4 नसबंदी की गई हैं। शहरी क्षेत्र में जिला अस्पताल में 15 और मेडिकल कॉलेज में 12 नसंबदी आपरेशन किए गए हैं। यह रिपोर्ट एक अप्रैल से नौ जुलाई तक की है। मालूम हो कि सरकार नसबंदी कराने पर पुरुष को ३ हजार और महिला २ हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देती हैं, इसके बावजूद नसबंदी न होना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर कर रहा है।
बैठकें ढेरों, काम ढेलाभर नहीं
लक्ष्य की पूर्ति के लिए हर महीने स्वास्थ्य संचालनालय से निर्देश जारी होते हैं। ये निर्देश बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए दिए जाते हैं। स्थानीय स्तर पर भी बैठकें होती है लेकिन स्थिति बदतर बनी हुई है। सुधार होने के बजाए जिले की परिवार कल्याण कार्यक्रम में स्थिति बीते वर्षों से भी खराब होती जा रही है। बीएमओ स्तर पर योजना की कोई मॉनीटरिंग नही हैं। डीएचओ कभी फील्ड पर जाते नहीं हैं। अच्छा-खासा स्वास्थ्य अमला होने पर ये स्थिति शर्मनाक है। मालूम हो बुधवार से जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा शुरू हो रहा है।
किस ब्लॉक को कितना लक्ष्य
रायपुर कचुर्लियान 2155,गोविंदगढ़ 2370,जवा1910,सिरमौर 2615,त्यौंथर 2235
गंगेव 2060 मऊगंज 1685 हनुमना 2265 नईगढ़ी 1560 जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज 2145 नसबंदी आपरेशन का लक्ष्य निर्धारित है। जिसके सापेक्ष केवल 41 नसबंदी आपरेशन किए गए हैं। परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत जिले में नसबंदी के लिए लोगों को प्रेरित करने पे्ररणा अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन यह अभियान भी अन्य अभियानों की तरह स्थानीय महकमे की लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है।