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जांच में कमजोर निकला एमपी का बड़ा पुल, 30 अप्रेल तक बंद किया यातायात

Rewa- बीहर नदी पुल में भारी वाहनों का आवागमन रोका, सतना से बनारस-प्रयागराज हाईवे पर वन-वे करके निकाले गए भारी वाहन

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रीवा

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deepak deewan

Apr 06, 2026

Behar River Bridge in Rewa Restricted for Heavy Vehicles

Behar River Bridge in Rewa Restricted for Heavy Vehicles - Photo: AI generated

Rewa- रीवा से बनारस-प्रयागराज हाईवे पर स्थित रतहरा-चोरहटा बायपास मार्ग में बने बीहर नदी पुल में दरार आ गई है। पुल के एक हिस्से में 4 से 5 इंच चौड़ी दरार दिखने के बाद प्रशासन ने पुल से आवागमन रविवार को प्रतिबंधित कर दिया था। आदेश के पालन में जब वाहनों को रोका गया तो मार्ग पर जाम लग गया। फिर पुल को वन-वे करके एक साइड के वाहनों को फिर दूसरे साइड के वाहनों को निकाला गया। इस दौरान इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह जांच में पुल कमजोर पाया गया। इसके बाद यहां से भारी वाहनों को यातायात के लिए 30 अप्रेल तक प्रतिबंधित कर दिया गया है।

चोरहटा बायपास मार्ग का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था। तब से एनएच-7 पर चलने वाले सभी बड़े वाहन इसी बायपास से होकर गुजरते रहे हैं। आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, बनारस, बंगाल, बिहार तक के बड़े वाहनों का दिनभर से यहां से आना-जाना लगा रहता है। इन अंतरराज्यीय वाहनों के गुजरने के लिए इलाके में यही एक मुख्य मार्ग है। अब यहां आवागमन प्रतिबंधित होने से वाहन चालकों की मुसीबत बढऩा तय है।

हालांकि अभी प्रशासन ने वाहनों के गुजरने पर पूरी तरह से रोक नहीं लगाई है। छोटे वाहन रीवा शहर के अंदर से निकल रहे हैं। प्रयागराज, वाराणसी जाने वाले भारी वाहन को पुल पर ही वन-वे व्यवस्था की गई है।

रविवार को मार्ग में दोपहर 2 से 4 बजे के बीच करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। भारी वाहन रेंगते हुए पुल के ऊपर से गुजरते रहे। वीरान इलाके में जो वाहन चालक सुबह से खड़े रहे, उन्हें आसपास कुछ खाने-पीने के लिए सामग्री भी नहीं मिली। ट्रक में जो खाद्य सामग्री बची थी, उसी से काम चलाना पड़ा। ऐसे ही, दूसरे राज्यों के चार पहिया वाहन में सवार मुसाफिर भी जाम के झाम में परेशान होते रहे।

नए पुल का हो रहा निर्माण
बता दें कि बायपास का चौड़ीकरण करते हुए फोरलेन का निर्माण चल रहा है। इस कार्य का ठेका केसीसी बिल्डकॉन कंपनी को दिया गया है। कंपनी को दो साल में काम पूरा करना है। इस मार्ग के बीच 21 से ज्यादा पुल-पुलियों का निर्माण होना है, जिसमें से अधिकांश का निर्माण पूरा हो गया है।

अपर कलेक्टर ने पहले ही इस मार्ग पर 30 अप्रेल तक आवागमन बंद रखने के आदेश दिए हैं। मगर पुल से अभी भी वाहनों को निकल रहे हैं। आदेश के मुताबिक रात को नो एंट्री बंद होने पर वाहनों को शहर के बीच से भी निकाला जाएगा। ऐसे में शहरवासियों को भी रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सोमवार को हुजूर एसडीएम डॉ. अनुराग तिवारी ने पुल की स्थिति देखी

सोमवार को हुजूर एसडीएम डॉ. अनुराग तिवारी ने पुल की स्थिति देखी। तकनीकी विशेषज्ञों ने जांच की तो संरचना कमजोर पाई गई। इसके बाद एसडीएम ने पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया और ऐसे वाहनों को डायवर्ट करने को कहा। एसडीएम डॉ. अनुराग तिवारी ने पुल के गर्डर में आई दरार का जायजा लेने के साथ ही क्षतिग्रस्त पियर कैप का भी निरीक्षण किया। जांच के बाद 30 अप्रेल तक भारी वाहनों को प्रतिबंधित करने का फैसला ले लिया।