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पड़ोसियों और पुलिस ने इतना परेशान किया कि शिक्षक ने उठाया आत्मघाती कदम

Teacher Mental harassment: शिक्षक ने तीन पन्नों के सुसाइड नोट में पड़ोसियों और पुलिस की प्रताड़ना का किया जिक्र, लिखा- पुलिस देती थी सरकारी नौकरी पर खतरे की धमकी।
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रीवा

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Shailendra Sharma

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Updated: 21 May 2026, 8:04 PM IST

rewa

teacher suicide attempt police and neighbors harassment allegations

suicide attempt: मध्यप्रदेश के रीवा में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अनंतपुर मोहल्ले में रहने वाले एक शिक्षक ने पड़ोसियों और पुलिस की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपने हाथ की नस काट ली। गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि शिक्षक ने यह कदम उठाने से पहले तीन पन्नों का पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा और प्रताड़ना का जिक्र किया है।

पड़ोसी और पुलिस कर रहे थे प्रताड़ित

घायल शिक्षक की पहचान अनिल तिवारी निवासी अनंतपुर के रूप में हुई है। उनके भाई वीरेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि पड़ोसियों और पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर उनके भाई ने आत्मघाती कदम उठाया है। परिजनों के अनुसार 15 मई को अनंतपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में पेड़ काटने को लेकर पड़ोसियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि पड़ोसी निशांत मिश्रा, परमानंद मिश्रा और गीता मिश्रा ने बिना जानकारी दिए पेड़ कटवा दिया। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज के साथ मारपीट की स्थिति बन गई।

'सरकारी नौकरी पर खतरे की धमकी दी'

वीरेंद्र तिवारी का कहना है कि विरोधी पक्ष ने अपनी मां के पुराने हाथ टूटने की घटना को ताजा विवाद से जोड़कर उनके भाई के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए उनके भाई पर मामला दर्ज कर लिया, जबकि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि लगातार पुलिस कार्रवाई, सरकारी नौकरी पर खतरे की धमकी और मानसिक दबाव के चलते अनिल तिवारी तनाव में आ गए। इसी मानसिक प्रताडऩा से परेशान होकर उन्होंने बीती शाम अपने हाथ की नस काट ली।

तीन पन्नों के सुसाइड नोट में प्रताड़ना का जिक्र

बताया जा रहा है कि घटना से पहले शिक्षक ने तीन पन्नों का पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने पुलिस और पड़ोसियों द्वारा प्रताडि़त किए जाने का उल्लेख किया है। फिलहाल शिक्षक का अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं पूरे मामले में अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

टीआई की भूमिका पर उठाए सवाल

शिक्षक के परिजनों ने विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेन्द्रनाथ शर्मा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि पुलिस और आरोपियों ने मिलकर षणयंत्र रचा। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि उल्टा मुकदमा कर दिया गया। ऐसे में पूरा परिवार तनावग्रस्त है। वहीं इस मामले में पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि पुलिस का कोई कर्मचारी दोषी पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।