22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दर्द भरा बचपन! एक ही परिवार के 3 बच्चों का रंग पड़ गया सफेद

Albinism : एल्बिनिज्म बीमारी से ग्रसित तीनों बच्चों का शरीर और बालों का रंग सफेद हो गया है। जब बच्चों को खुजली होती है तो वे दर्द से तड़प उठते हैं। शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं और त्वचा छिलने लगती है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रीवा

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 25 May 2026, 3:27 PM IST

Albinism

एक ही परिवार के 3 बच्चों का रंग पड़ गया सफेद (Photo Source- Input)

Albinism Disease : किसी भी मां-बाप का सबसे बड़ा सपना होता है कि उनके बच्चे हंसते-खेलते बड़े हों, स्कूल जाएं और जिंदगी में आगे बढ़े। लेकिन, मध्य प्रदेश के रीवा जिले के जवा इलाके स्थित ग्राम पंचायत देवखर में एक परिवार ऐसा भी है, जहां तीन मासूम बच्चों का बचपन दर्द और संघर्ष में बीत रहा है। जन्म से ही इन बच्चों का पूरा शरीर सफेद है। धूप पड़ते ही आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है और शरीर में ऐसी खुजली उठती है कि खून तक निकल आता है। 9 वर्षीय रिया, 6 वर्षीय अनामिका और 5 वर्षीय राजीव एक गंभीर अनुवांशिक बीमारी से पीड़ित हैं।

गांव के बच्चे जहां खुले मैदान में खेलते हैं, वहीं ये मासूम तेज धूप से बचने के लिए घर के कोनों में सिमट जाते हैं। उनके चेहरे पर मासूम मुस्कान तो है, लेकिन आंखों में दर्द साफ दिखाई देता है। गरीबी इस परिवार की सबसे बड़ी मजबूरी है। पिता सुनील कोरी मजदूरी कर जैसे-तैसे परिवार चलाते हैं, जबकि मां माया देवी बच्चों की हालत देखकर हर दिन टूटती जा रही हैं। इलाज के लिए बड़े अस्पताल तक पहुंचना उनके लिए किसी सपने जैसा है।

दर्द से तड़प उठते हैं मासूम

गांव के लोगों का कहना है कि जब बच्चों को खुजली होती है तो वे दर्द से तड़प उठते हैं। शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं और त्वचा छिलने लगती है। धीरे-धीरे उनकी शारीरिक ताकत भी कम होती जा रही है। मामले को लेकर समाजसेवी विजय तिवारी ने सरकार से मदद की अपील की है। राजेश्वर मिश्रा ने बताया कि गरीब परिवार उसके पास इतने पैसे नहीं है कि वह जांच कराने के लिए कहीं बाहर जा सके। प्रशासनिक मदद भी अब तक नहीं मिली है। गांव में बच्चों को अंग्रेज भी कहकर दूसरे बच्चे चिढ़ाते हैं, क्योंकि इनका स्वरूप पूरी तरह से सफेद हो चुका है।

माता-पिता सामान्य फिर भी तीन बच्चे ग्रसित

एल्बिनिज्म बीमारी की वजह से शरीर और बालों का सफेद होना पाया जाता है। इसे अनुवांशिक बीमारी माना जाता है। गांव के लोगों ने बताया कि माता-पिता दोनों सामान्य हैं लेकिन बच्चे तीनों इससे ग्रसित हो गए हैं। बच्चों के पिता सुनील कोरी बताते हैं कि उनकी जानकारी में परिवार के दूसरे लोगों में भी यह बीमारी नहीं थी लेकिन उनके तीन बच्चे हुए और तीनों इससे कैसे इससे प्रभावित हो गए पता नहीं। उन्होंने बताया कि गर्मी और धूप के समय अधिक समस्या इन बच्चों को होती है।

इसलिए सफेद होता है रंग

त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील सिंह सेंगर का कहना है कि, जन्म से पूरे शरीर और बालों का सफेद होना सामान्यत: एल्बिनिज्म जैसी आनुवांशिक स्थिति के कारण होता है। इसमें शरीर में मेलानिन पिगमेंट पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता। ये कोई संक्रामक बीमारी नहीं है और न ही छूने से फैलती है। ऐसे बच्चों में त्वचा और आंखें अधिक संवेदनशील होती हैं, इसलिए धूप से बचाव, नियमित स्किन एवं आंखों की जांच बहुत जरूरी होती है। वर्तमान में इसका स्थायी इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन सही देखभाल और चिकित्सकीय निगरानी से व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।