
Govt teacher Second Time Suicide Attempt (demo pic, patrika file)
Teacher Mental harassment: मध्यप्रदेश के रीवा में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अनंतपुर मोहल्ले में रहने वाले एक सरकारी शिक्षक ने दो दिन में दूसरी बार आत्महत्या की कोशिश की है। शिक्षक ने इस बार जहर खाकर अपनी जान देनी चाही। परिजन ने शिक्षक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया है जहां उनका इलाज चल रहा है। बता दें कि दो दिन पहले शिक्षक ने हाथ की नस काटकर खुदकुशी की कोशिश की थी। तब शिक्षक ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमें उन्होंने पड़ोसियों और पुलिस पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।
रीवा के अनंतपुर मोहल्ले में रहने वाले सरकारी शिक्षक अनिल तिवारी ने शनिवार को एक बार फिर आत्महत्या करने की कोशिश की है। शनिवार को अनिल ने घर में जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन तुरंत उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे जहां गंभीर हालत में उनका इलाज चल रहा है। परिजनों ने बताया कि गुरुवार को हाथ की नस काटकर अनिल ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसे संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को जब अनिल को होश आया तो उसने सबसे पहले अपने बेटे से यही पूछा था कि क्या आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई? तब बेटे ने बताया कि आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
अनिल तिवारी के भाई धीरेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि अनिल को गंभीर हालत में भी अस्पताल ले डिस्चार्ज कर दिया गया था। जब उसे घर लेकर पहुंचे तो उसे पता चला कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर वो अस्पताल से जिंदा वापस आ गया तो उसे मार डालेंगे। इससे अनिल और टूट गया और उसने कहा कि वो आरोपियों की ये तमन्ना जरूर पूरी करेंगे और प्रशासन व पुलिस की उदासीनता से परेशान होकर फिर से आत्मघाती कदम उठा लिया। अनिल तिवारी सीएम राइज स्कूल (शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल) लालगांव में पदस्थ हैं।
परिजनों के अनुसार 15 मई को अनंतपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में पेड़ काटने को लेकर पड़ोसियों से विवाद हुआ था। आरोप है कि पड़ोसी निशांत मिश्रा, परमानंद मिश्रा और गीता मिश्रा ने बिना जानकारी दिए पेड़ कटवा दिया। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और गाली-गलौज के साथ मारपीट की स्थिति बन गई। विरोधी पक्ष ने अपनी मां के पुराने हाथ टूटने की घटना को ताजा विवाद से जोड़कर उनके भाई के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए उनके भाई पर मामला दर्ज कर लिया, जबकि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों का आरोप है कि लगातार पुलिस कार्रवाई, सरकारी नौकरी पर खतरे की धमकी और मानसिक दबाव के चलते अनिल तिवारी तनाव में आ गए थे।
पहली बार आत्महत्या करने से पहले शिक्षक अनिल तिवारी ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उन्होंने पुलिस और पड़ोसियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का उल्लेख किया था। मामले में शिक्षक के परिजनों ने विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेन्द्रनाथ शर्मा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि पुलिस और आरोपियों ने मिलकर षड्यंत्र रचा। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई बल्कि उल्टा मुकदमा कर दिया गया। ऐसे में पूरा परिवार तनावग्रस्त है।
Published on:
23 May 2026 05:31 pm
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