
रीवा। करोड़ों की लागत से भवन तो तैयार कर लिया गया। लेकिन छात्राओं को अभी पुरानी बदहाल व्यवस्था में ही पढ़ाई करना होगा। हालात कुछ ऐसे ही दिख रहे हैं। बात शासकीय कन्या महाविद्यालय (जीडीसी) की कर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन की कोशिश जारी है, लेकिन अभी नए भवन की व्यवस्था कर पाना उनके लिए संभव नहीं होगा।
पुरानी व्यवस्था से से चलाना होगा काम
नए शैक्षणिक सत्र में छात्राओं को नई व्यवस्था के साथ पढ़ाई करने का मौका मिल सके। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने नए भवन में फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्था को लेकर कवायद तो महीनों पहले शुरू कर दी गई। लेकिन नतीजा अब तक नहीं आया। हालात को देखते हुए नहीं लगता है कि अगले छह महीने तक छात्रों को नए भवन में फर्नीचर सहित नई व्यवस्था मुहैया हो पाएगी। इस स्थिति में करोड़ों का भवन तैयार होने के बावजूद छात्राओं को अभी पुरानी व्यवस्था में ही काम चलाना होगा।
शिफ्ट होगी कला संकाय की कक्षाएं
कॉलेज प्रशासन की योजना के मुताबिक नए भवन में कला संकाय की छात्राओं को शिफ्ट किया जाना है। शिफ्टिंग की तैयारी नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही है। नए भवन में छह कमरों में कक्षाएं संचालित की जाएगी। दो कमरों में पुस्तकालय बनाए जाने की योजना है। फिलहाल यह तभी संभव होगा, जब कॉलेज को फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए बजट मिलेगा।
छह करोड़ के प्रस्ताव पर एक करोड़ का स्टीमेट
नए भवन में व्यवस्थाओं को लेकर कॉलेज प्रशासन ने छह करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन निर्माण एजेंसी ने केवल एक करोड़ रुपए का स्टीमेट बनाकर भेजा है। अभी इस बजट के मिलने की उम्मीद भी नहीं है। जबकि २४ फरवरी को ही उद्योग मंत्री ने इस भवन का लोकार्पण कर दिया था। लेकिन भवन में अभी तक छात्राओं के लिए फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्था नहीं की जा सकी है।