रीवा. भारतीय सेना के सर्वोच्च वीरता पदक परम वीर चक्र से अलंकृत सुबेदार मेजर संजय कुमार का सैनिक स्कूल मे व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने सैनवा मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद विद्यालय के मानेकशा सभागार में विशेष सभा का आयोजन किया गया। जिसमें कैडेट्स में जोश व उत्साह भरते हुए कहा कि राष्ट रक्षा में सदैव तत्पर रहें।
सुबेदार मेजर संजय कुमार नें सभी कैडेट्स को उत्साहित करते हुए कारगिल की लड़ाई के दौरान अपने अनुभवों व मुख्य बिंदुओं पर एक विशेष प्रेजेंटेशन दिया। जिसमें उन्होनें कारगिल युद्ध में दुश्मनों की तैयारियों, भारतीय सैनिकों के द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस व अत्यंत मुश्किल परिस्थितियों में दिखाए गए रण कौशल को विस्तार से बताया। जिसको देखकर सभी लोग अत्यंत रोमांचित व अचंभित हो उठे।
अंत में कर्नल अविनाश रावल, प्राचार्य सैनिक स्कूल रीवा नें स्मृति चिन्ह प्रदान कर मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन हुआ। इस अवसर पर मैडम नेहा रावल, स्क्वॉड्रन लीडर सीएच त्रिलोक कुमार, ले. कर्नल एपीएस भुल्लर, डॉ. आरएस पाण्डेय सहित अध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे।
कारगिल युद्ध में निभाई थी अहम भूमिका
मेजर संजय कुमार का जन्म 3 मार्च 1976 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के कलोल बल्किन ग्राम में हुआ था। सूबेदार संजय ने कारगिल युद्ध में एरिया फ्लैट टॉप पर कब्जा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें 1999 में परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वह 13 जम्मू एंड कश्मीर राइफल, खडग़वासला में कार्यरत हैं।