
रीवा। आर्मीभर्ती के नाम पर ठगी करने वाले चाचा भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने मिलकर क्षेत्र के करीब दर्जनभर लोगों से रुपए ऐंठे थे। सेमरिया थाने में आए कुछ लोगों ने आर्मी भर्ती के नाम पर ठगी की शिकायत दर्जकराई थी। उन्होंने आशीष कुमार द्विवेदी (25) निवासी झखौरा थाना सेमरिया व उसके चाचा संतोष द्विवेदी पर आर्मी में भर्ती करवाने के एवज में रुपए ऐंठने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शिकायत की जांच की तो आरोप सही गए गए जिस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
12वीं पास बन गया फर्जी कर्नल
मुख्य आरोपी आशीष द्विवेदी 12वीं तक पढ़ा है। उसने आर्मीभर्तीके लिए 2017 में एनडीए की परीक्षा दी थी लेकिन सफल नहीं हो पाया।उसके बाद उसने अपने चाचा के साथ मिलकर ठगी का मायाजाल रचना शुरूकर दिया।उसने खुर्द को सेना का कर्नल बताया और क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बकायदे उसने सेना की वर्दीमें फोटो खिंचाई और फर्जी आइडी कार्ड बना लिया जिससे लोग उसके झांसे में आ गए। एक-एक करके उसने दर्जन भर लोगों को अपना शिकार बना डाला।
ट्रेनिंग में जाने के बाद हुआ ठगी का खुलासा
उक्त आरोपी ने जिन लोगों से पैसा लिया था उनको जबलपुर में परीक्षा होने के लिए एडमिट कार्ड दिया। एक माह बाद उसने सभी को ज्वाइनिंग लेटर हैदराबाद मुख्यालय का दिया।19 मार्च को वह सभी युवकों को शिकंदराबाद स्थित प्राइवेट प्रशिक्षण केन्द्र में ले गया जहां आर्मी की ट्रेनिंग दी जा रही थी। वहां पहुंचने पर लोगों को ठगी का पता चला तो उन्होंने अपने रुपए वापस मांगे। उसने सभी को चेक दिया लेकिन वह बाऊंस हो गया। जब आरोपी ने रुपए वापस नहीं किए तो उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करवा दी।
किन-किन लोगों को बनाया शिकार
आरोपी ने रोहित उपाध्याय से 76000, सत्यम कुमार उपाध्याय से 50500, शिवकुमार उपाध्याय से 50000, नितिन उपाध्याय से 1.20 लाख, अनीश कुमार पाण्डेय से 25000, भागवत प्रसाद पाण्डेय से 1.6 लाख, विवेकानंद पाण्डेय से 30000, वेदप्रकाश मिश्रा 1.10 लाख, विकास गौतम से 50000, फूलचंद्र तिवारी से 41000 रुपये लिये थे।