
रीवा. नागरिक आपूर्ति निगम और वेयर हाउस अधिकारियों ने भेड़हरा गोदाम ( सिरमौर) से छतरपुर, सीधी, सिंगरौली समेत आधा दर्जन जिले में गुणवत्ता विहीन चावल भेज दिया है। इतना ही नहीं निगम अधिकारियों ने एफआइएफओ (फीफो) यानी पहले आओ पहले जाओ के नियम-कायदे को दरकिनार कर मिलरों का गुणवत्ता विहीन चावल गोदाम में बगैर जमा कराए बाहर भेज दिया। मामले प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित किया है।
गुणवत्ता विहीन चावल गोदाम में बगैर जमाकराए
नागरिक आपूर्ति निगम के भेडऱहा गोदाम प्रभारी अतीव श्रीवास्तव ने मिलरो व परिवहनकर्ता से साठगांठ कर गुणवत्ता विहीन चावल गोदाम में बगैर जमाकराए सीधे जिले से बाहर भेज दिया। शासन ने छतरपुर, सीधी, टीकमगढ, सिंगरौली सहित अन्य जिले के लिए चावल की डिमांड की थी। नान प्रभारी ने तीन अलग-अलग मिल संचालकों से साठगांठ कर लगभग 300 लॉट यानी करीब 87 हजार क्विंटल से अधिक चावल की आपूर्ति कर दी गई।
इन अधिकारियों को सौंपी जांच
प्रबंधक संचालक अभिजीत अग्रवाल ने नान के क्षेत्रीय प्रबंधक उज्जैन योगेश सिंह, सतना के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके गजभिए, सतना के गुणवत्ता नियंत्रक एसपी गुप्ता, रीवा के प्रबंध वित्त जिला कार्यालय एलपी डेहरिया को जांच सौंपी है।
जांच टीम इंद बिंदुओं की करेगी जांच
सिरमौर के भेड़हरा गोदाम में प्रबंध संचालक ने जांच के लिए तीन बिंदुओं की रिपोर्ट मांगी है। जांच टीम गोदाम से चावल अलाट करते समय एफआइएफओ पद्धति का पालन किया गया है या नहीं। इसी तरह चावल की गुणवत्ता। चावल बिना गोदाम में जमा कराए सीधे मिल से अन्य जिले की आपूर्ति करने।