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Chhatron Ki Goonj- मऊगंज की छात्रा का आखरी खत पढ़ भावुक हुए राहुल गांधी, कहा- ये सिस्टम का फेल्योर

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: नेता प्रतिपक्ष ने कार्यक्रम के दौरान नीट पेपर के रद्द होने के कारण जान देने वाली मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की आकांक्षा चतुर्वेदी का नोट पढ़ा।

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रीवा

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Akash Dewani

Jun 18, 2026

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj NEET Aspirant Akanksha Chaturvedi Last Note

Chhatron Ki Goonj- राहुल गांधी ने छात्र संवाद ने मऊगंज जिले की आकांक्षा का आखरी नोट पढ़ा (फोटो सोर्स- Rahul Gandhi Social Media)

NEET Aspirant Akanksha Chaturvedi Last Note- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने राजस्थान के कोटा से देशव्यापी छात्र संवाद 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) की शुरुआत कर दी है। कोटा के दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच पर हुए कार्यक्रम में राहुल गांधी ने केंद्र की शिक्षा नीतियों पर हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष ने कार्यक्रम के दौरान नीट पेपर के रद्द होने के कारण जान देने वाली मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की आकांक्षा चतुर्वेदी(NEET Aspirant Akanksha Chaturvedi) का सुसाइड नोट पढ़ा। उन्होंने मृतक छात्रा का नोट दिखाते हुए कहा कि यह आकांक्षा का फेल्योर नहीं, बल्कि एजुकेशन सिस्टम का फेल्योर है।

उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम उन युवाओं के लिए है जो भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। युवा अलग-अलग क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं लेकिन उन्हें सिर्फ पांच ऑप्शन ही मिलते हैं। देश की शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिस्टम छात्र-छात्राओं पर दबाव डालता है। उन्हें तनाव देता है। यह देश के भविष्य के लिए अच्छा नहीं है।

राहुल ने पढ़ी आकांक्षा की चिट्ठी, कहा- आकांक्षा नहीं, एजुकेशन सिस्टम है फेल्योर

राहुल ने कहा कि कुछ दिन पहले मैंने अखबार खोला और मुझे आकांक्षा की चिट्ठी (सुसाइड नोट) देखी। आकांक्षा ने ये चिट्ठी अपने माता पिता को लिखी थी। आकांक्षा आज हमारे साथ नहीं है। स्क्रीन पर आकांक्षा का सुसाइड नोट दिखाया गया। राहुल ने इसके बाद कहा कि आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती थी। इनके पिता से लुक दिन पहले मेरी बात हुई। आकांक्षा के पिता पैरलाइज़्ड हैं। उन्होंने बेटी की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया लेकिन फिर नीट का पेपर लीक हो गया। इसके बाद राहुल गांधी ने आकांक्षा के नोट की लास्ट लाइन को पढ़ा जिसमें वह लिखती है- सॉरी मम्मी-पापा …. मैंने सब बर्बाद कर दिया आप दोनों का। राहुल ने कहा कि ये आकांक्षा या उसके माता-पिता की नहीं बल्कि ये हमारे एजुकेशन सिस्टम की गलती थी।

कौन है आकांक्षा चतुर्वेदी?

आकांक्षा चतुर्वेदी उर्फ स्नेहा मऊगंज के नईगढ़ी के मगनिया (पुरवा) गांव में रहने वाले कृष्णकुमार चतुर्वेदी की बेटी थी। आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती थी और उसका NEET (NEET-UG 2026) का पेपर भी अच्छा गया था। लेकिन जब पता चला कि नीट का पेपर लीक हो गया है और परीक्षा दोबारा होगी तो वो टूट गई और उसने अपनी जान दे दी। पिता ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया था कि आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती थी। पिता ने बताया कि बेटी शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छी थी और अव्वल आती थी। नीट की परीक्षा देने के बाद भी आकांक्षा काफी खुश थी। उसने बताया था कि पेपर बहुत अच्छा गया है और अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा। लेकिन पेपर लीक होने के बाद से वो आहत थी और 20 मई को उसने नागपुर में अपनी जान दे दी।

लकवा ग्रस्त हैं पिता, बेटी को कर्ज लेकर पढ़ा रहे थे

आकांक्षा के पिता कृष्णकुमार चतुर्वेदी ने बताया उन्हें कुछ समय पहले लकवा लग गया था। बेटी आकांक्षा बचपन से ही पढ़ने में ठीक थी और डॉक्टर बनना चाहती थी, इसलिए बैंक से क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 3 लाख रुपये का लोन लेकर उसकी तैयारी कराई। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि बेटी को डॉक्टर की पढ़ाई करा पाता, इसलिए कुछ और लोगों से भी उधार लेने के बारे में सोच रखा था। जिससे कि बेटी की पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो और वो डॉक्टर बनकर अपना सपना पूरा कर सके, लेकिन सबकुछ बर्बाद हो गया।